नई दिल्ली: भारत के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव XXV भारत रंग महोत्सव (Bharat Rang Mahotsav) में एक अनोखी प्रस्तुति देखने को मिलेगी. रूस के आर्कटिक स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर एंड आर्ट द्वारा तैयार किया गया नाटक "फेसेज ऑफ ओलोन्खो" (Faces of Olonkho) का 12 फरवरी 2026 को शाम 7 बजे (19:00) नई दिल्ली में मंचित होगा.

यह नाटक याकूत (साखा) लोगों के प्राचीन और विश्व प्रसिद्ध नायकों के महाकाव्य ओलोन्खो की दुनिया को दर्शकों के सामने जीवंत करेगा. ओलोन्खो साइबेरिया के याकूत समुदाय की मौखिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें नायकों, देवताओं, प्रकृति और संघर्ष की कहानियां शामिल हैं. UNESCO द्वारा मानवता की मौखिक और अमूर्त धरोहर के रूप में मान्यता प्राप्त इस महाकाव्य को नाटकीय रूप में प्रस्तुत करने वाली यह प्रस्तुति दर्शकों को एक अलग ही सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगी.

नाटक की अवधि लगभग 65 मिनट है. इसे डॉ. मारिया मार्कोवा ने निर्देशित किया है और यह लोक सामग्री पर आधारित है. प्रदर्शन रूसी भाषा में होगा और यह नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) द्वारा आयोजित 25वें भारत रंग महोत्सव का हिस्सा है. मंचन कमानी ऑडिटोरियम, 1 कोपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली में होगा. रूसी दूतावास और अन्य स्रोतों के अनुसार, यह प्रस्तुति भारत-रूस सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी.

थिएटर प्रेमी और संस्कृति रसिकों के लिए यह एक दुर्लभ अवसर है, जहां दूर साइबेरिया की प्राचीन कथाएं दिल्ली के मंच पर जीवंत होंगी. टिकट और अधिक जानकारी के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा या कमानी ऑडिटोरियम से संपर्क किया जा सकता है. भारत रंग महोत्सव 27 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक विभिन्न शहरों में चल रहा है, जिसमें देश-विदेश से दर्जनों नाट्य समूह भाग ले रहे हैं.