नई दिल्ली: सैफ अली खान पर हमले के मामले में एक नया मोड़ आया है, जब बांग्लादेशी हमलावर शरीफुल इस्लाम के पिता मोहम्मद रुहुल ने कहा कि वह अपने बेटे की रिहाई के लिए बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग से संपर्क करेंगे. रुहुल ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा व्यक्ति उनका बेटा नहीं है और उनके बेटे को फंसाया जा रहा है. रुहुल ने बांग्लादेश से फोन पर भारतीय मीडिया को बताया है कि "मैं बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय से संपर्क करूंगा और अपने बेटे की रिहाई के लिए ढाका में भारतीय उच्चायोग से मदद मांगूंगा.
उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे की गिरफ्तारी के बारे में फेसबुक और समाचार चैनलों के माध्यम से पता चला. उन्होंने कहा कि उनके बेटे शरीफुल ने पिछले साल मार्च के अंतिम सप्ताह और अप्रैल के पहले सप्ताह के बीच भारत में प्रवेश किया था. बता दें कि मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को शरीफुल की पुलिस हिरासत 29 जनवरी तक बढ़ा दी. मुंबई पुलिस ने अदालत को बताया कि वे हमलावर की पहचान की पुष्टि करने के लिए उसके चेहरे की पहचान करेंगे. पुलिस ने पहले कहा था कि शरीफुल, जिसे ठाणे शहर से गिरफ्तार किया गया था, ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के बाद अपना नाम विजय दास रख लिया था. आरोपी ने 16-17 जनवरी की रात को बांद्रा में सैफ अली खान के घर में चोरी की नीयत से घुसकर उसपर हमला किया था.
सैफ ने कथित तौर पर कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि हमलावर ने कैसे भागने में सफलता प्राप्त की और सीढ़ियों में सीसीटीवी कैमरे में पकड़ा गया. रुहुल ने कहा कि उनके बेटे के लिए सैफ जैसे बड़े स्टार के घर में प्रवेश करना और ऐसा अपराध करना संभव नहीं होगा. हमने जो वीडियो फुटेज देखा, उसमें आदमी के भौहों तक बाल हैं. मेरा बेटा अपने बालों को इस तरह नहीं रखता है. वह 30 साल का है और कभी भी अपने बालों को इतना लंबा नहीं रखा है, यहां तक कि किशोरावस्था में भी नहीं. रहुल ने कहा कि भारत एक बड़ा देश है, यह बहुत संभव है कि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से कुछ मिलता-जुलता होगा.
उन्होंने दावा कि सीसीटीवी कैमरा फोटो जो मैंने देखे हैं, वह मेरे बेटे से मेल नहीं खाते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे को "तीसरे पक्ष" द्वारा फंसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसमें एक साजिश हो सकती है. रहुल ने कहा कि शरीफुल मुंबई में एक होटल में काम करता था और हर महीने की 12 तारीख को वह जो वेतन प्राप्त करता था, उसका एक हिस्सा भेजता था. पिता ने यह भी कहा कि शेख हसीना का जनवरी 2024 में फिर से चुनाव जीतने के बाद शरीफुल को बांग्लादेश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.