जयपुर: राजस्थान में गौ-रक्षा और गौशालाओं को दी जाने वाली सरकारी सब्सिडी में बड़ा घोटाला सामने आया है. CAG (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 38 गौशालाओं ने लगभग 1.31 लाख अतिरिक्त गाय-बैलों के नाम पर अनुदान लिया, जिससे राज्य को करीब 57.36 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ा.
रिपोर्ट के अनुसार, कई गौशालाओं ने मर चुकी गायों, गैर-मौजूद पशुओं और बिना टैग वाले जानवरों के नाम पर भी चारा-पानी की सब्सिडी क्लेम की. भारत पशुधन ऐप पर दर्ज आंकड़ों और गौशालाओं के रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी पाई गई, फिर भी सब्सिडी बिना सत्यापन के जारी की गई.
बड़े नाम भी शामिल
गोपालन विभाग ने 29 मई 2026 को सभी गौशालाओं को नोटिस जारी कर अतिरिक्त राशि वसूलने के आदेश दिए हैं. बकाया राशि जमा न करने पर भविष्य में अनुदान और मंजूरी रोकने की चेतावनी दी गई है. गौशाला संचालकों ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि यह दस्तावेजी गड़बड़ी है और मामले की जांच समिति के सामने रखा गया है. यह CAG रिपोर्ट राजस्थान सरकार के गौ-रक्षा कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर रही है और सत्यापन व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है.