Seelampur Murder Case: ये है नॉर्थ ईस्ट दिल्ली का सीलमपुर, जमुनापार इलाके में पड़ता है, इसलिए इसे दिल्ली का पाताललोक भी कहते हैं, पाताललोक में हाथी चौधरी ने जो किरदार निभाया था, उसकी कहानी भी यहीं की थी, लेकिन वेब सीरीज में जितनी चीजें दिखाई गईं, उससे भी ज्यादा बुरा हाल इस इलाके का है, तो सवाल है देश की राजधानी का ऐसा हाल हुआ कैसे, तो इसे समझने के लिए सीलमपुर के इतिहास में चलना होगा, कहा जाता है.
फिलहाल सीलमपुर में 60 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम बताए जाते हैं, जिनमें से कईयों ने हिंदुओं के घरों को सस्ते दामों में खरीदा है, क्योंकि जमुनापार में चलने वाले कई गैंग, जिनमें से एक की सरगना जिकरा नाम की बुर्के वाली लड़की भी है, उस पर कुणाल नाम के लड़के का जान लेने का आरोप है. जो 17 अप्रैल की रात दूध लेने निकला था, पर वापस नहीं लौटा, यहां के कई मकानों पर साल 2020 की तरह ही पोस्टर लगाए गए, जिसमें लिखा है हिंदू मकान बेचने को मजबूर हैं, योगी-मोदी से गुहार लगाई जा रही है, हालांकि कई लोग ये भी कह रहे हैं कि ये एक प्रोपोगैंडा भर है, क्योंकि अगर किसी को मकान बेचना होगा या रेंट पर लगाना होगा तो वो पोस्टर पर अपना नंबर भी जरूर लिखेगा, लेकिन बावजूद उसके कई घर बिके भी हैं. वहां के भोला नाम के व्यक्ति के हवाले से आज तक अपनी रिपोर्ट में लिखता है
ये वही इलाका है जहां 2020 में हालात बिगड़े तो NSA डोभाल तक को नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में उतरना पड़ा. कुछ साल पहले ही एक प्राचीन शिव मंदिर के सामने मस्जिद बनाने की कोशिश की गई, पहले उस जगह पर कुछ लोगों ने रहना शुरू किया, फिर धीरे-धीरे स्थानीय लोगों ने नमाज पढ़ना शुरू किया, और बाहर से भी लोग पहुंचने लगे, कुछ वक्त बाद ही 4 मंजिला मस्जिद वहां बनने लगी तो विरोध शुरू हो गया, पुलिस पहुंची तो ये कहा गया कि इसे कम्युनिटी सेंटर बनाया जा रहा है, हालांकि बाद में पुलिस ने निर्माण कार्य रोकवा दिया, पर जरा प्लानिंग समझिए, कैसे एक जगह पर बेतहाशा आबादी बढ़ाने और एक खास वर्ग को भगाने की कोशिश की जा रही है, अगर इन आरोपों में दम है तो फिर पुलिस सख्त एक्शन क्यों नहीं लेती, क्योंकि कानून के मुताबिक हर किसी को कहीं भी रहने का अधिकार है, पर किसी को भी आप उसकी जगह से भागने पर मजबूर नहीं कर सकते, कई मीडिया रिपोर्ट ये तक दावा करती हैं कि सीलमपुर के ब्राह्मपुरी कॉलोनी में हालात ज्यादा खराब हैं, जो साफ बताता है सीएम रेखा गुप्ता को एक्शन लेना होगा, क्या संभल की तरह यहां भी कोई सच्चाई छिपी है, जिसे निकाले जाने की जरूरत है.