प्यार, झूठ और ब्लैकमेल: डेटिंग ऐप्स के जरिए 500 महिलाओं को ठगा, 2 करोड़ रुपए हड़पे

Amanat Ansari 16 Apr 2026 03:15: PM 2 Mins
प्यार, झूठ और ब्लैकमेल: डेटिंग ऐप्स के जरिए 500 महिलाओं को ठगा, 2 करोड़ रुपए हड़पे

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की PS Cyber, साउथ-वेस्ट जिले की टीम ने एक कुख्या साइबर फ्रॉडस्टर और सीरियल एक्सटॉर्शनिस्ट आनंद कुमार को गिरफ्तार किया है. वह पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना का रहने वाला है.  पुलिस के अनुसार, आरोपी ने डेटिंग ऐप्स, मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया ऐप्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं को निशाना बनाया.

वह खुद को डॉक्टर, बिजनेसमैन, वकील, फिल्म प्रोड्यूसर आदि पेशेवरों के रूप में पेश करता था. इन फर्जी पहचानों के जरिए वह महिलाओं के साथ भावनात्मक रिश्ता बनाता, उनके विश्वास को जीतता और फिर शादी का वादा, मेडिकल इमरजेंसी, बिजनेस घाटा या प्रोफेशनल अवसर आदि बहानों से उनसे पैसे ऐंठता था. जांच में पता चला कि आनंद ने 500 से ज्यादा महिलाओं को निशाना बनाया और उनसे लगभग 2 करोड़ रुपए ठगे या ब्लैकमेल किए.

कई मामलों में उसने ऑनलाइन बातचीत के दौरान महिलाओं से निजी फोटो और वीडियो भी मंगवाए और बाद में उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर और पैसे ऐंठे. यह मामला एक पीड़िता के e-FIR दर्ज कराने के बाद सामने आया. उसने बताया कि वैभव अरोड़ा नाम के फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल से उसे लगभग 7 लाख रुपए का फ्रॉड हुआ. आरोपी ने सबसे पहले उसे डेटिंग ऐप पर संपर्क किया, विश्वास जीता और फिर इंस्टाग्राम व व्हाट्सएप पर बातचीत शिफ्ट कर दी. वह कई मोबाइल नंबर्स इस्तेमाल करता था.

उसने शादी का वादा किया और आनंद नाम के एक और फर्जी दोस्त का परिचय भी कराया, जो परिवार से मिलने की व्यवस्था करेगा. बाद में उसने मेडिकल इमरजेंसी और बिजनेस घाटे की कहानियां गढ़कर पैसे मांगे. जब पीड़िता ने अपना पैसा वापस मांगा तो आरोपी जवाब देना बंद कर दिया और बाद में व्हाट्सएप पर झूठा मैसेज भेजा कि वैभव की मौत हो गई है, ताकि संपर्क कट जाए.

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहन जांच की, जिसमें IP लॉग्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल नंबर्स और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन ट्रेल शामिल थे. सर्विलांस से पता चला कि आरोपी से जुड़े दो मोबाइल नंबर उत्तर 24 परगना (पश्चिम बंगाल) क्षेत्र में सक्रिय थे. पुलिस टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की और लगातार ट्रैकिंग व समन्वय के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

उसके मोबाइल डिवाइस की जांच में पता चला कि वह एक साथ कई फर्जी पहचानें चलाता था. जैसे वैभव अरोड़ा, डॉ. रोहित बहल, तरुण, आनंद शर्मा और शिखा आदि. वह कई मोबाइल फोन, अलग-अलग नामों पर जारी SIM कार्ड इस्तेमाल करता था और डिवाइस बार-बार बदलता था ताकि पकड़ा न जाए.

पुलिस ने उसके पास से चार स्मार्टफोन, आठ SIM कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, चार सोने की ब्रेसलेट और पाँच सोने की चेन बरामद कीं, जो ठगे गए पैसे से खरीदी गई थीं. पता चला कि ठगे गए पैसे का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग और व्यक्तिगत खर्चों पर उड़ाया गया था. पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि आरोपी एक आदतन अपराधी है. उसके खिलाफ पहले भी दिल्ली और गाजियाबाद में दो समान साइबर क्राइम के मामले दर्ज हैं.

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