खुलासा नंबर 1: इरशाद उतारता खाकी, फिर बनाता लड़कियों का वीडियो... GRP का सिपाही इरशाद खान...जो गाजीपुर के गहमर का रहने वाला है, लेकिन मिर्जापुर में आयरन फायर नाम का जिम चलाता था... ये ड्यूटी खत्म करके जिम में जाता, इसका परिवार भी मिर्जापुर में रहता था... इसलिए वहीं रहकर लड़कियों का AI वीडियो भी बनाता...इसने दिमाग इतना तगड़ा लगाया था कि इसका पकड़ा जाना आसान नहीं था.. कागजों पर ये जिम का मालिक ये नहीं बल्कि फरीद अहमद था... जिसे पुलिस ने ऑपरेशन लंगड़ा चलाकर पकड़ा... DIG सोमेन बर्मा ने बताया सिपाही इरशाद माधोसिंह रेलवे स्टेशन पर तैनात था, एक साल पहले वहां गया है, उससे पहले मिर्जापुर के अलग-अलग थानों में कोर्ट ड्यूटी में तैनात था.
खुलासा नंबर 2: बुर्के में फोटो खींचा, फिर कहा पांच वक्त नमाज पढ़ो... जिन दो लड़कियों ने जिम की शिकायत की है, उन्होंने अपनी शिकायत में साफ लिखा है इन लोगों ने कई बार मेरी बुर्के में फोटो खिंचवाई, घर पर पांचों समय नमाज पढ़ने को कहा... मुझे दरगाह ले जाया गया और कलमा पढ़वाकर धर्मांतरण करवाया..जब मना किया तो मारने औऱ वीडियो वायरल करने की धमकी दी. इन लोगों ने AI वीडियो बनाकर ब्लैकमेल तक किया...
खुलासा नंबर 3: लड़कियों की संख्या 50 पार?... मोहम्मद शेख अली आलम और फैजल ने केजीएन जिम में करीब दो साल काम किया..2 महीने से दोनों नकहरा के शंकर गिरी के बी-फिट जिम में ट्रेनर थे, जहां लड़कियों से पहले नजदीकियां बढ़ाते, उन्हें नई-नई एक्सरसाइज सीखाते, फिर डाइट के बहाने उनका मोबाइल नंबर लेते....जो लड़की पतली होना चाहती थी, उन्हें अलग डाइट प्लान देते, और जो फिट रहना चाहती थी, उन्हें अलग डाइट प्लान बताकर अपडेट लेते...फिर बातचीत का सिलसिला प्यार और ब्लैकमेलिंग तक पहुंच जाता...अब तक 50 लड़कियों के पीड़ित होने की आशंका है, लेकिन पुलिस इनकी दो साल के सीडीआर की जांच में जुटी है, ताकि पता चले कि क्या पहले भी इन लोगों ने किसी लड़की के साथ ऐसा किया है, अगर हां तो उनकी संख्या कितनी है...
खुलासा नंबर 4: वो नेता कौन, जिसने खुलवाया जिम... KGN और बी फिट जिम के अंदर की तस्वीर देखकर लगता है मानो सेटअप में लाखों रुपए खर्च किए गए हैं.. ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनर को 10 से 15 हजार रुपए वेतन मिलता था, लेकिन वे ब्रांडेड जूते, कपड़े पहनते और महंगे मोबाइल का इस्तेमाल करते थे. तो सवाल है इनकी फंडिंग कौन कर रहा था...जिले के बिजनेसमैन और एक नेता का नाम सामने आ रही है, जिन तक पुलिस की जांच की आंच पहुंच सकती है...सूत्र दावा करते हैं, वो नेताजी बड़े बिजनेस से जुड़े हैं और चुनाव भी लड़ चुके हैं...
खुलासा नंबर 5: 10 हजार महीना कमाने वाला, कैसे बना जिम मालिक?... मीडिया रिपोर्ट दावा करती है, एक जिम मालिक पहले 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर किसी अन्य जिम में ट्रेनर का काम करता था. बाद में उसने 2017 में अपना जिम खोला, जिसका नाम ख्वाजा गरीब नवाज शॉर्ट में ‘केजीएन’ रखा, ताकि शॉर्ट नाम रखकर बरगलाया जा सके.. इसी नाम से तीन जिम और चल रहे थे...जिसे उसके परिवार और रिश्तेदार चला रहे थे...केजीएन 1 को जहीर चलाता था, जबकि उसका भाई अशफाक ऊर्फ लकी खान और जीजा शादाब केजीएन 3 चलाता था, जबकि फरीद आयरन जिम का मालिक था...तो सवाल ये है आखिर जिम खोलने के लिए लाखों रुपये कहां से आए...
खुलासा नंबर 6: अमीर घर की महिलाओं पर निशाना... जिम का सेटअप ऐसा था कि लग्जरी गाड़ियों से अमीर-अमीर लोग वहां पहुंचते, उनसे करीब 3000 रुपये महीना फीस ली जाती थी...अमीर घर की महिलाओं और लड़कियां निशाने पर थी...जहां उनकी पहले तस्वीर क्लिक की जाती, बहला-फुसलाकर बातचीत बढ़ाई जाती, फिर AI से फोटो बदलकर उन पर दबाव बनाया जाता...यहां कलावा गैंग एक्टिव था या फिर बिना नाम बदले ये लोग ऐसा कर रहे थे, इसका खुलासा होना बाकी है, पर पुलिस की जांच में अमीर महिलाओं वाला एंगल भी खुलकर सामने आय़ा है....
खुलासा नंबर 7: पिता सिपाही, बेटा ‘जिम जिहादी’!... ये पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआऱ की कॉपी है, जिसमें साफ लिखा है जहीर के पिता इरशाद 39वीं बटालियन पीएसी में हेड कॉन्स्टेबल थे…यानि पिता कानून के रखवाले थे, पर बेटा कानून और समाज दोनों का दुश्मन बन गया...खुलासा तो ये तक हुआ है कि जहीर का बड़ा भाई इमरान भी पहले जिम संचालन में सहयोग करता था, लेकिन अब वह प्लॉटिंग का काम करता है, और कटरा कोतवाली में इमरान पर जमीन मामले में मुकदमा भी दर्ज है...यानि जिम वाले केस में उसकी भूमिका मिली तो उसकी भी कुंडली खुल सकती है, और फिर बुलडोजर भी चल सकता है, क्योंकि योगी ने बीते दिनों ही साफ कहा था, पहले जांच होती है, फिर बुलडोजर चलता है...