नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए एक के बाद एक मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा में सत्ता गंवाने और 58 विधायकों की बगावत के बाद अब पार्टी के संसदीय दल में बड़ी फूट की तैयारी हो रही है. खबर है कि कम से कम 23 सांसद (लोकसभा और राज्यसभा) बागी होकर खुद को असली तृणमूल कांग्रेस घोषित करने वाले हैं.
सूत्रों के मुताबिक, इस बागी गुट का नेतृत्व बारासात से लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार कर रही हैं. अगले हफ्ते की शुरुआत में जब ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इंडिया गठबंधन की बैठक के लिए दिल्ली पहुंचेंगे, उसी दौरान यह बड़ा राजनीतिक धमाका हो सकता है.
बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा सभापति से मिलकर अपना पक्ष रखने वाले हैं. टीएमसी सांसदों से संपर्क करने की कोशिश में 16 में से 15 सांसदों के फोन स्विच ऑफ पाए गए. इनमें सिनेमा, खेल और नए चेहरे शामिल हैं.
शुभेंदु ने दिल्ली में डाला डेरा
इस बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं. समिक भट्टाचार्य ने कहा कि TMC के कई सांसद उनसे लगातार संपर्क में हैं. बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव लॉकेट चटर्जी ने भी पुष्टि की कि 4 मई के बाद कई TMC सांसद पाला बदलने को तैयार हैं. दो-तिहाई बहुमत के लिए बागियों को लोकसभा में कम से कम 19 और राज्यसभा में 9 सांसदों का समर्थन चाहिए.
सूत्र बता रहे हैं कि 22 सांसदों का आंकड़ा उनके पास तैयार है. काकोली घोष दस्तीदार ने एक्स पर चेतावनी भरा पोस्ट करते हुए लिखा- "ततैया के छत्ते में हाथ मत डालो." यह घटना ममता बनर्जी और TMC के लिए बेहद दर्दनाक मानी जा रही है, क्योंकि यह दिल्ली में उनके राष्ट्रीय अस्तित्व पर सीधा हमला होगा. सियासी गलियारों में हलचल तेज है और बंगाल की राजनीति अब दिल्ली तक पहुंच गई है.