नई दिल्ली: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब काफी गंभीर मोड़ ले चुका है. यह घटना 6 जनवरी 2026 को सामने आई, जब छात्रा को उसके कमरे में बेहोश हालत में पाया गया. बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि उसके साथ यौन शोषण हुआ था और शरीर पर चोट के निशान थे, जबकि शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताने की कोशिश की.
मामले की जांच अब SIT (विशेष जांच टीम) के हाथ में है, जिसने तेजी से काम शुरू किया है. हाल ही में SIT ने चित्रगुप्त नगर थाने की तत्कालीन प्रभारी (SHO) रोशनी कुमारी से लंबी पूछताछ की. सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद रोशनी कुमारी की हॉस्टल मालिक और संचालिका से कई लंबी बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं, जिसके आधार पर उनसे सवाल किए गए.
रोशनी कुमारी पर क्या आरोप लगे?
इन लापरवाहियों के चलते पटना SSP ने रोशनी कुमारी को कुछ दिन पहले सस्पेंड कर दिया था. साथ ही कदमकुआं थाने के एक अन्य अधिकारी हेमंत झा को भी निलंबित किया गया. ताजा अपडेट्स में फॉरेंसिक रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ है कि छात्रा के कपड़ों (खासकर अंडरगारमेंट्स) पर स्पर्म के निशान मिले हैं, जो यौन हमले की पुष्टि करते हैं. स्पर्म 18-21 साल के किसी युवक का बताया जा रहा है.
SIT अब DNA प्रोफाइलिंग के जरिए संदिग्धों (हॉस्टल मालिक मनीष रंजन सहित कई लोगों) की जांच कर रही है. कुछ रिपोर्ट्स में 5-6 युवकों पर फोकस है, जिनके DNA सैंपल लिए जा रहे हैं. कुल 25 लोगों तक का टेस्ट हो सकता है. परिजन पुलिस पर दबाव बनाने और जांच को प्रभावित करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि SIT ने हॉस्टल से जुड़े कई सुराग जुटाए हैं, जैसे मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी डेटा. मामला अब रेप-हत्या के एंगल पर गहरा रहा है, और जांच में बड़े खुलासे की उम्मीद है.