नई दिल्ली : मणिपुर में जारी तनाव के बीच अब पड़ोसी राज्य मेघालय में भी हिंसा ने चिंता बढ़ा दी है। शिलॉन्ग में 19 अगस्त को Khasi Students’ Union (KSU) की ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली के दौरान हालात बिगड़ गए. कई जगह वाहनों पर हमला, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं.
हिंसा के दौरान खास तौर पर असम नंबर वाले वाहनों को निशाना बनाए जाने की खबरें आईं. ईस्ट खासी हिल्स पुलिस के मुताबिक 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई लोगों के साथ मारपीट के मामले सामने आए. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक परिवार की कार के शीशे तोड़े जाने का दावा भी किया गया.
तनाव इसके बाद भी नहीं थमा. 20 अगस्त की रात शिलॉन्ग के नोंगमेंसोंग पुलिस आउटपोस्ट पर पेट्रोल बम फेंका गया. बम परिसर में गिरा और एक कुर्सी में आग लग गई, हालांकि कोई घायल नहीं हुआ. इसके अलावा मेघालय के अलग-अलग इलाकों में सरकारी वाहनों को जलाने और सरकारी कार्यालयों पर पेट्रोल बम फेंकने की घटनाएं सामने आईं.
हिंसा के बाद असम-मेघालय सीमा पर भी तनाव बढ़ गया. गुवाहाटी के टैक्सी और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने जोरबाट और खानापारा में नाकाबंदी की, जिससे दोनों राज्यों के बीच यातायात प्रभावित हुआ. हालांकि एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को इससे छूट दी गई.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र ने मेघालय में पांच कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात करने को मंजूरी दी है. चार CRPF और एक RAF कंपनी जो 25 अगस्त तक राज्य पुलिस की मदद करेंगी. पुलिस ने शिलॉन्ग की हिंसा के सिलसिले में 15 FIR दर्ज की हैं और KSU के तीन प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार किया गया है.