''प्रदर्शन रोकोगे तो श्रीलंका-बांग्लादेश जैसे हालात होंगे...'' सोनम वांगचुक का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- विरोध सरकार को सुधारने का सबसे अच्छा तरीका

Amanat Ansari 24 Oct 2026 10:42 PM 1 Mins
''प्रदर्शन रोकोगे तो श्रीलंका-बांग्लादेश जैसे हालात होंगे...'' सोनम वांगचुक का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- विरोध सरकार को सुधारने का सबसे अच्छा तरीका

नई दिल्ली: जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने शनिवार को मुंबई में आयोजित आईपीएफ महोत्सव को संबोधित करते हुए विरोध-प्रदर्शनों की अनुमति न दिए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की. उन्होंने श्रीलंका और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि अगर लोगों को विरोध का मौका नहीं दिया गया तो ऐसे ही अशांति के हालात पैदा हो सकते हैं.

वांगचुक ने कहा, “देखिए, जब विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती, तो क्या होता है. श्रीलंका और बांग्लादेश इसके उदाहरण हैं.” उन्होंने विरोध को सरकारों को बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करने का बेहतरीन तरीका बताया.

उन्होंने कहा कि दुनिया भर के देशों में विरोध प्रदर्शनों की अनुमति खुशी-खुशी दी जाती है और ये संसद के ठीक सामने भी होते हैं. ब्रिटेन, नॉर्वे और स्वीडन जैसे देशों में संसद के सामने प्रदर्शन की अनुमति है. लेकिन भारत में प्रदर्शन संसद से काफी दूर होते हैं. जंतर-मंतर भी बहुत दूर था.

''अनुमति की जरूरत नहीं होनी चाहिए''

वांगचुक ने जोर देकर कहा कि विरोध प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी जानी चाहिए. अनुमति सिर्फ यह देखने के लिए होनी चाहिए कि शहर में क्या हो रहा है, जैसे कोई त्योहार. उनकी यह टिप्पणी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बीच आई है, जब केंद्र ने कड़े कदम उठाए थे.

उन्होंने पैरामिलिट्री बलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ये गृह मंत्रालय के तहत आती हैं, लेकिन अपने ही लोगों और युवाओं के पीछे लगाई जा रही हैं. बॉर्डर की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए. लद्दाख में उन्होंने चीन की ‘सलामी स्लाइसिंग’ का जिक्र करते हुए कहा कि जब बॉर्डर से ध्यान हटता है तो चीन अंदर घुस आता है. सोनम वांगचुक का यह बयान विपक्ष द्वारा प्रदर्शनों पर रोक लगाने की आलोचना के बीच आया है और राजनीतिक चर्चा में है. 

Sonam Wangchuk Climate Activist Sri Lanka Bangladesh Violence

Recent News