नई दिल्ली: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने शनिवार को दावा किया कि मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर 50-60 गुंडों ने उन्हें धमकी दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर अपनी आपबीती सुनाई और पुलिस पर कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया.
नेहा बोरा दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी याचिका खारिज होने के बाद स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश होने मंदिर मार्ग थाने पहुंची थीं. सुनवाई के बाद उन्होंने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, ''आज 24 अक्टूबर को मुझे SEM कोर्ट में सुनवाई के लिए मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचना था. मैं समय से पहुंच ही रही होती हूं कि 100 मीटर दूर से समझ आता है कि थाने के बाहर 50-60 गुंडे खड़े हैं जो स्पीकर पर जोर-जोर से ऐलान कर रहे हैं कि नेहा बोरा अगर आज यहां आती हैं तो देख लेंगे कौन बचाएगा. ये धमकी दी जा रही होती है. नेहा बोरा मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे होते हैं.''
उन्होंने सवाल उठाया, ''हम यह पूछना चाहते हैं कि शांति भंग करना कहते किसे हैं? एक पुलिस स्टेशन के बाहर 50-60 गुंडों की भीड़ खड़ी होती है और पुलिस उन्हें हटाने के लिए कोई एक्शन नहीं लेती. वो शांति भंग नहीं माना जाता, लेकिन जब आम लोग ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच और SIR रोकने के नारे लगाते हैं तो वो शांति भंग माना जाता है.''
पीस बॉन्ड से इनकार
नेहा बोरा SEM के समक्ष पीस बॉन्ड भरने से इनकार कर चुकी हैं. दिल्ली पुलिस ने उन्हें ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च में शामिल होने के दौरान हिरासत में लिया था और नोटिस जारी किया था. उन्होंने नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां याचिका खारिज हो गई.
SEM ने पुलिस को दस्तावेज सौंपने और जवाब दाखिल करने का समय दिया है. अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय हुई है. नेहा बोरा हाल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं. उनका यह आरोप राजनीतिक चर्चा में है.