नई दिल्ली: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ की बहाली को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. सभी कोर्स की क्लासें अगले आदेश तक ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दी गई हैं. 24 अक्टूबर को रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि कैंपस के मौजूदा हालात और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है.
प्रशासन का कहना है कि यह एहतियाती फैसला है, ताकि पढ़ाई-लिखाई बाधित न हो और छात्रों की सुरक्षा बनी रहे. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब संघ बहाली के प्रदर्शनों के दौरान लगाए गए नारों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.
यह आंदोलन 12 अक्टूबर से शुरू हुआ है. छात्र संघ चुनावों की आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की मांग कर रहे हैं. जामिया में आखिरी छात्र संघ चुनाव 2005 में हुए थे और 2006 में संघ को भंग कर दिया गया था. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चुनी हुई छात्र संस्था की बहाली है, जबकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नए छात्र संघ के संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए समिति गठित की है.
इस बीच परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. विभागों और केंद्रों में प्रवेश से पहले छात्रों की जांच की जा रही है. शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी परिसर के पास कांग्रेस सांसद इमरान मसूद समेत 10 लोगों को हिरासत में लिया था.
समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने जाते समय उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया. यूनिवर्सिटी प्रशासन का रुख साफ है, सुरक्षा पहले, पढ़ाई जारी. लेकिन छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है. अब देखना यह है कि ऑनलाइन क्लास कितने दिनों तक चलती हैं और छात्र संघ बहाली का मुद्दा कैसे सुलझता है.