नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में आयोजित ध्वजारोहण समारोह के एक वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि समारोह के दौरान जब संपूर्ण 'वंदे मातरम्' का गायन हो रहा था, तब कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के शीर्ष नेताओं ने इसे बीच में रोकने का इशारा किया। वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह और आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। बीजेपी नेताओं का दावा है कि गृह मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों के तहत जब पूरे 6 अंतरों वाले वंदे मातरम् का गायन शुरू हुआ, तो शुरुआती छंदों के बाद सोनिया गांधी ने आपत्ति जताई और इसे पूरा बजाने के बजाय रुकवाने का इशारा किया। बीजेपी ने सवाल खड़ा किया कि क्या कांग्रेस नेतृत्व को राष्ट्रीय गीत के संपूर्ण गायन से परेशानी है।
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने स्थिति स्पष्ट की। जयराम रमेश ने कहा कि कार्यक्रम में पूरे वंदे मातरम् का विधिवत गायन हुआ और इसमें कोई व्यवधान नहीं डाला गया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी केवल उनके बैठने के लिए कुर्सी का प्रबंध करने का इशारा कर रही थीं, जिसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।
जयराम रमेश ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए यह भी याद दिलाया कि अक्टूबर 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर राष्ट्रीय एकता को ध्यान में रखते हुए वंदे मातरम् के शुरुआती अंतरों को गाने की परंपरा शुरू हुई थी। वहीं, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कहा कि राष्ट्रीय गीत को लेकर पार्टी में कोई विवाद नहीं है और बीजेपी जबरन इसे तूल दे रही है।