नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी अहमद बावा उर्फ अब्बू अबूबकर बरेलवी की मौत की सजा पर रोक लगा दी. इस घटना में 56 लोगों की मौत हुई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, एजी मासीह और संदीप मेहता की बेंच ने आतंकी की याचिका पर गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया और ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड मांगे. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में इस मामले को बेहद गंभीर बताया.
क्या था मामला?
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में महज 70 मिनट के अंदर 21 बम विस्फोट हुए थे. अस्पतालों में भी ब्लास्ट किए गए थे, जहां घायलों का इलाज चल रहा था. यह भारत में अस्पतालों को निशाना बनाकर किया गया पहला आतंकी हमला था. फरवरी 2022 में स्पेशल कोर्ट ने 38 इंडियन मुजाहिदीन सदस्यों को मौत की सजा और 11 को उम्रकैद सुनाई थी.
जुलाई 2026 में गुजरात हाईकोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा था. हाईकोर्ट ने कहा था कि इतने बड़े पैमाने की साजिश, निर्दोष लोगों की हत्या और आतंक फैलाने की मंशा को देखते हुए मौत की सजा जायज है. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है. आगे की सुनवाई में पूरी स्थिति स्पष्ट होगी.