नई दिल्ली: दिल्ली शनिवार को सुबह बारिश के साथ जागी. देर राच तक इसमें और तेजी आ सकती है. शुक्रवार रात राजधानी में भारी बारिश के बाद, भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि शनिवार शाम तक हालात और बिगड़ सकते हैं. पूरे शहर में गरज-चमक, तेज हवाएं (गेल्स), आंधी और बिजली गिरने की संभावना है.
दक्षिणी, मध्य और नई दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि लोगों को गंभीर मौसम संबंधी परेशानी के लिए तैयार रहना चाहिए. जबकि दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम और उत्तर-पूर्व दिल्ली के लिए येलो अलर्ट है. ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि लोगों को गंभीर मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए, जबकि येलो अलर्ट सिर्फ सतर्क रहने का संकेत है कि मौसम तेजी से बदल सकता है. इस सबके पीछे दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) एक के बाद एक आ रहे हैं.
अप्रैल में दिल्ली को बारिश और ओलावृष्टि क्यों हो रही है?
उत्तर-पश्चिम भारत पर दो लगातार पश्चिमी विक्षोभ अपना असर डाल रहे हैं. इनकी चरम गतिविधि 4 अप्रैल को है, और फिर 7 अप्रैल को. पश्चिमी विक्षोभ बड़े ऊपरी-वायुमंडलीय निम्न दबाव वाले सिस्टम होते हैं, जो भूमध्य सागर और कैस्पियन सागर क्षेत्र से शुरू होकर पूर्व की ओर बढ़ते हैं. ये पाकिस्तान होते हुए भारतीय उपमहाद्वीप में नमी लाते हैं. जब ये अप्रैल की शुरुआत में मैदानी इलाकों में पहले से जमा गर्म और धूल भरी हवा से टकराते हैं, तो तेजी से बादल बनते हैं और कई बार ओले भी गिरते हैं.
दिल्ली के कौन-कौन से इलाके खतरे में हैं?
वर्तमान सिस्टम काफी संकीर्ण है, इसलिए पश्चिम और उत्तर दिल्ली के बड़े हिस्सों को यह शायद छोड़ दे. पूर्वी दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, फरीदाबाद और दक्षिणी एनसीआर के कुछ हिस्सों में शाम 8 बजे से 9 बजे के बीच गरज-चमक और धूल भरी आँधी आने की 30 से 40% संभावना है, क्योंकि यह सिस्टम पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आगे बढ़ रहा है.
दूसरी ओर, पूरे दिल्ली में आज बारिश से पूरी तरह बचने की 60 से 70% संभावना है. अगले दो-तीन घंटों में पूरे दिल्ली-एनसीआर में बादलों के साथ सूखी धूल भरी आंधी (Dry duststorm) आ सकती है. मौसम वैज्ञानिक स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और लोगों को सलाह दी गई है कि वे नवीनतम मौसम अलर्ट नियमित रूप से चेक करते रहें.
उत्तर भारत में हालात कितने बुरे हैं?
दिल्ली से बाहर असर पहले ही बहुत तेज दिख रहा है. उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर ओलावृष्टि की उम्मीद है. मध्य भारत में 6 अप्रैल तक गरज-चमक और बिजली के साथ भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. इस सिस्टम से प्रभावित राज्य हैं: उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल. शाम तक दक्षिण-पश्चिमी हवाएँ 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार और भी बढ़ सकती है.
दिल्ली में अगला तूफान कब आएगा?
इसके बाद थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन ज्यादा देर तक नहीं. मंगलवार, 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ दिल्ली को फिर प्रभावित करेगा, जिससे फिर से तूफान आएंगे और तापमान मध्य सप्ताह तक 18 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है. अप्रैल में इस तरह की अस्थिरता असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार यह बढ़ती हुई दिख रही है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 2026 का मौसम 2024 की तरह ही अस्थिर है, जिसमें देर से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा बार आ रहे हैं. ये हालात सर्दियों वाले पश्चिमी विक्षोभ और गर्मियों की पूर्वी हवाओं (Easterlies) के टकराव को दर्शाते हैं. यह मौसमी टकराव गर्मी पूरी तरह हावी होने से पहले तेज और छोटे-छोटे गंभीर मौसम पैदा करता है. अभी के लिए गर्मी रुकी हुई है. इस सिस्टम के निकल जाने के बाद तापमान बढ़ेगा और मई तक ऊंचा बना रहेगा.