मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की छात्रा से बलात्कार के आरोप में मेडिकल थाने की तेजगढ़ी चौकी पर तैनात दरोगा ललित मोहन को एसएसपी अविनाश पांडेय ने निलंबित कर दिया है. आरोपी के खिलाफ भावनपुर थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हो चुका है और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगा दी गई है.
क्या है पूरा मामला?
रायबरेली निवासी ललित मोहन 2023 बैच के दरोगा हैं. पीड़िता छात्रा के अनुसार, उसकी शामली निवासी सहेली ने कुछ महीने पहले दरोगा से परिचय कराया था. दोनों में दोस्ती हो गई. करीब दो सप्ताह पहले छात्रा डिग्री लेने विश्वविद्यालय परिसर आई तो दरोगा ने उससे मुलाकात की और शादी का प्रस्ताव रखा. इसके बाद उसे रेस्टोरेंट ले जाने का झांसा देकर कार में बैठाया और अपने साथी दरोगा के फ्लैट पर ले गया. वहां आरोपी ने यौन शोषण किया. बाद में उसने शादी से इनकार कर दिया.
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता ने 14 अगस्त को एसएसपी अविनाश पांडेय को शिकायत दी. एसएसपी ने तुरंत मुकदमा दर्ज करवाया. आरोपी छुट्टी लेकर फरार हो गया. पीड़िता का आरोप है कि थाने में उसे समझौते का दबाव बनाया गया. इसके बाद वह फिर एसएसपी कार्यालय पहुंची और पूरा मामला बताया. दो दिन पहले आरोपी के परिवार वाले शामली में युवती के घर पहुंचे और शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे युवती ने ठुकरा दिया.
उसका कहना है कि आरोपी मुकदमे से बचने के लिए शादी की योजना बना रहा है. एसएसपी ने बताया कि आरोपी को सस्पेंड कर दिया गया है, विभागीय जांच शुरू हो गई है और गिरफ्तारी के लिए टीम सक्रिय है. आरोपी हाईकोर्ट पहुंचकर गिरफ्तारी से स्टे लेने की कोशिश कर रहा है.