सहारनपुर/लखनऊ: 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को सियासी झटका लगा है. उनके दामाद शायान मसूद ने गुरुवार को कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने का ऐलान कर दिया.
शायान मसूद अपने समर्थकों के साथ लखनऊ पहुंचे, जहां सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस मौके पर सपा विधायक उमर अली और पूर्व विधायक माविया अली भी मौजूद रहे.
कौन हैं शायान मसूद?
शायान मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत काजी रशीद मसूद के पौत्र हैं. वे पहले सपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रह चुके हैं. 2019 से वे कांग्रेस से जुड़े थे और 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने ससुर इमरान मसूद के प्रचार में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं.
काजी रशीद मसूद परिवार का सपा से पुराना नाता रहा है. शायान के पिता शादान मसूद भी सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. ऐसे में शायान की सपा में वापसी को परिवार के पुराने राजनीतिक रिश्तों की ओर लौटने के रूप में देखा जा रहा है.
क्यों छोड़ा कांग्रेस?
सूत्रों के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने की आशंका और इमरान मसूद के उस बयान के बाद यह फैसला लिया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके परिवार का कोई सदस्य 2027 के चुनाव में नहीं लड़ेगा. शायान की सपा में एंट्री ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं चल रही हैं.
शायान के इस कदम से सहारनपुर की स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है. सपा के पुराने सियासी नेटवर्क को नई ताकत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि कांग्रेस के लिए यह असहज स्थिति पैदा करने वाला कदम माना जा रहा है.