नई दिल्ली: इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी को आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में घोषित किया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में एक बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की, जिसमें विपक्षी गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया. खड़गे ने कहा कि सुदर्शन रेड्डी का चयन सर्वसम्मति से किया गया है और यह निर्णय संविधान और लोकतंत्र के प्रति विपक्ष की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सोमवार को उनके आवास पर बैठक की, जिसमें उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार के चयन पर चर्चा हुई. इस दौरान पूर्व इसरो वैज्ञानिक मायलस्वामी अन्नादुराई और महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी के नामों पर भी विचार किया गया. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बी. सुदर्शन रेड्डी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे गठबंधन के अन्य दलों ने समर्थन दिया. खड़गे ने कहा, "हमने एक गैर-राजनीतिक और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को चुनने का फैसला किया, जो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक सिद्धांतों का प्रतीक हो."
कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी?
बी. सुदर्शन रेड्डी एक सम्मानित कानूनी हस्ती हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं. वह गोवा के पहले लोकायुक्त भी रहे. उनकी निष्पक्षता और संवैधानिक मामलों में गहरी समझ के लिए उन्हें व्यापक सम्मान प्राप्त है. विपक्ष का मानना है कि रेड्डी का चयन न केवल उनकी योग्यता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि इंडिया गठबंधन एकजुट होकर एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को कड़ी टक्कर देना चाहता है.
उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर 2025 को होने वाला है, जो पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद आवश्यक हो गया. एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. राधाकृष्णन के पास संसद के दोनों सदनों में एनडीए की बहुमत स्थिति के कारण जीत की प्रबल संभावना है. हालांकि, विपक्ष ने इस चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और वैचारिक अंतर को उजागर करने के लिए उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है.
इंडिया गठबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक मजबूत संदेश देना है. खड़गे ने कहा, "हमारा उम्मीदवार न केवल एक व्यक्ति है, बल्कि यह हमारे सिद्धांतों और एकता का प्रतीक है." टीएमसी और डीएमके सहित गठबंधन के अन्य दलों ने भी इस फैसले का समर्थन किया है. सूत्रों के अनुसार, विपक्ष ने रेड्डी के चयन से पहले तमिलनाडु से किसी बड़े नेता को उतारने पर भी विचार किया था, ताकि एनडीए के राधाकृष्णन के तमिलनाडु कनेक्शन का जवाब दिया जा सके.