नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक सोशल मीडिया से शुरू हुई प्रेम कहानी ने खौफनाक रूप ले लिया. दिल्ली में व्यवसाय करने वाले गाजीपुर निवासी परवेज (उर्फ अनुज सिंह) की 2021 में फेसबुक पर कंचन गुप्ता से दोस्ती हुई, जो बाद में गहरे प्यार में बदल गई. दोनों ने शादी का मन बना लिया था, लेकिन जब कंचन के परिवार को इस रिश्ते की भनक लगी, तो स्थिति उलट-पुलट हो गई.
परवेज के मुताबिक, 3 जून 2024 को कंचन ने उन्हें फोन कर घर बुलाया और किराए के पैसे के बहाने 2000 रुपये फोन-पे से भेजे. अगले दिन 4 जून को परवेज अपने दोस्त कुलदीप राजभर के साथ बंधुआकलां स्टेशन पहुंचे. कंचन के कहने पर ई-रिक्शा से सहाबागंज स्थित उसके घर गए. जैसे ही वे अंदर दाखिल हुए, कंचन के चाचा राधे किशन गुप्ता और भाई निशांक साहू ने दरवाजा बंद कर दिया.
युवती के परिजनों ने परवेज और कुलदीप को आंगन में ले जाकर चमड़े की बेल्ट और लोहे की रॉड से जमकर पीटा गया. हाथ-पैर बांधकर उनके प्राइवेट पार्ट पर करंट का झटका दिया गया. दर्द से चीखते-चिल्लाते दोनों की आवाज सुनकर पड़ोसी और गांव वाले मौके पर पहुंचे और पुलिस को खबर दी. पुलिस ने आकर उन्हें बचाया, लेकिन पीड़ित का दावा है कि पुलिस ने उल्टा उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज कर जेल भेज दिया.
जेल से रिहा होने के बाद परवेज ने स्थानीय थाने और एसपी से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. आखिरकार उन्होंने कोर्ट का रुख किया, जहां मजिस्ट्रेट के आदेश पर अब मामला दर्ज हो गया है. बंधुआकलां थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने पुष्टि की कि कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.