सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी मामले में गवाहों की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी

Amanat Ansari 08 May 2026 04:29: PM 1 Mins
सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी मामले में गवाहों की अनुपस्थिति पर जताई नाराजगी

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत अन्य आरोपियों पर दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों को कोर्ट में पेश न किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की. प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में गवाहों को पेश न करने का कोई कारण नहीं बताया गया है. अदालत ने इस पर 4 हफ्ते के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

गवाहों की पेशी में हो रही देरी पर सख्ती

पीठ ने टिप्पणी की कि पिछले करीब दो महीनों से इस मामले में किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं हुई है. कोर्ट ने निचली अदालत के न्यायाधीश को निर्देश दिया कि वे गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कदम उठाएं और मुकदमे को समयबद्ध तरीके से निपटाने का प्रयास करें. साथ ही, गवाह सुरक्षा योजना का भी पालन सुनिश्चित करने को कहा गया. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट में पिछली तारीखों पर गवाहों को पेश न करने का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, जिससे अदालत निराश हुई है.

प्रशांत भूषण का आरोप

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया कि गवाहों को पुलिस द्वारा धमकाया जा रहा है, जिसकी वजह से वे कोर्ट में पेश नहीं हो पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुछ गवाहों को जानबूझकर छोड़ा जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है.

दोनों ट्रायलों की स्थिति

  • पहले ट्रायल में कुल 59 गवाहों में से 44 की जांच हो चुकी है और 15 को बरी कर दिया गया है.
  • दूसरे ट्रायल में कुल 35 गवाहों में से 26 की गवाही पूरी हो चुकी है, अभी 9 बाकी हैं.
  • सुप्रीम कोर्ट ने तीसरे ट्रायल के बारे में भी जानकारी ली और जांच अधिकारी को चार हफ्तों के अंदर चार्जशीट संबंधी रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.

क्या था मामला?

3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम का विरोध कर रहे किसानों पर एक SUV चढ़ गई थी, जिसमें चार किसान मारे गए थे. इसके बाद हुई हिंसा में एक चालक, दो भाजपा कार्यकर्ता और एक पत्रकार समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी. इस पूरे मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश की निचली अदालत में चल रही है.सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में गवाह सुरक्षा और समयबद्ध सुनवाई पर सख्त नजर रख रहा है.

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