नई दिल्ली: अलीगढ़ में पुलिस महकमे को हिला देने वाली घटना सामने आई है. रोरावर थाने में तैनात 28 वर्षीय महिला कांस्टेबल हेमलता शनिवार को बन्नादेवी क्षेत्र के अपने किराए के कमरे में मृत मिलीं. कमरा अंदर से बंद था और शव पंखे से लटका हुआ था. पुलिस इसे शुरू से आत्महत्या बता रही है, लेकिन मृतका के पिता ने सिरे से खारिज करते हुए हत्या का गंभीर आरोप लगाया है.
पिता करमवीर सिंह (आगरा के बैमन गांव के निवासी) का दावा है कि उनकी बेटी बेहद हंसमुख और मजबूत इरादों वाली थी. वह कभी सुसाइड नहीं कर सकती. उनके अनुसार पहले हेमलता का गला घोंटा गया और फिर शव को फंदे पर लटकाकर हत्या को आत्महत्या का रंग दिया गया. अंतिम संस्कार के बाद वे मीडिया के सामने खुले तौर पर यह बात कह चुके हैं और जल्द लिखित शिकायत देने की बात भी कही है.
पुलिस का पक्ष कुछ और है. DIG प्रभाकर चौधरी के अनुसार, '' कमरा अंदर से लॉक था, हेमलता के एक दोस्त ने उनका WhatsApp स्टेटस देखा था जिसमें लिखा था कि “मैं जा रही हूं, सबको अलविदा. स्टेटस देखते ही दोस्त ने पुलिस को फोन किया और तुरंत टीम मौके पर पहुंची. इन तीन वजहों से पुलिस अभी तक आत्महत्या की थ्योरी पर कायम है.''
हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने सबको हैरान कर दिया है. रिपोर्ट में न तो स्पष्ट रूप से सुसाइड लिखा है और न ही हत्या की पुष्टि की गई है. गले पर बने निशान और अन्य चोटों को लेकर डॉक्टरों ने अस्पष्ट निष्कर्ष दिया है, जिसके बाद फॉरेंसिक और मेडिकल बोर्ड से दोबारा विस्तृत जांच कराई जा रही है.
फिलहाल मामला पूरी तरह संदिग्ध है. परिवार हत्या की मांग पर अड़ा है, जबकि पुलिस मौजूदा सबूतों के आधार पर सुसाइड की बात कह रही है. दोनों पक्षों के दावों में भारी विरोधाभास है और सच्चाई पोस्टमॉर्टम की अंतिम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही सामने आएगी. पुलिस ने अभी किसी तरह का मुकदमा दर्ज नहीं किया है और पूरे मामले की गहन पड़ताल जारी है.