इधर बड़े-बड़े सितारे जब बाबा सिद्दीकी को अंतिम विदाई दे रहे थे, सलमान का रोता हुआ चेहरा टीवी पर चल रहा था, तब लॉरेंस बिश्नोई साबरमती की जेल में क्या कर रहा था? उसके साथ जेल में ऐसा क्या होने वाला था, जिसकी भनक बाहर किसी को नहीं थी, एक तरफ बिहार के सांसद पप्पू यादव का खुला चैलेंज कि कानून अनुमति दे तो 24 घंटे में लॉरेंस का गैंग मिटा दूंगा, दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे का पुराना बयान कि लॉरेंस को मिट्टी में मिला दूंगा, सोशल मीडिया पर सनसनी मचा रहा था, तो वहीं दूसरी तरफ जेल की बैरक में लॉरेंस निश्चिंत रोज का रुटीन फॉलो कर रहा था, वो पुलिस वालों को फिर से बेवकूफ बनाने का प्लान बना था, जैसे मूसेवाला केस के वक्त उसने कहा था...मैं तो जेल में बंद हूं, ये विक्की मिड्डूखेड़ा का बदला जरूर है, लेकिन मैंने नहीं करवाया, मेरे लोगों ने करवाया होगा.
इसी चाल से वो कई बार बच निकलने की कोशिश करता है, खुद के जेल में होने को वो बेगुनाही के तौर पर दिखाता है, इसीलिए मुंबई पुलिस के अधिकारी इस बार उसे उसी की भाषा में जवाब देने की प्लानिंग में हैं. ख़बर है कि मुंबई पुलिस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उससे साबरमती जेल में पूछताछ करने जाने वाली है, उससे पहले पुलिस अधिकारी कानूनी अनुमति ले रहे हैं. जरूरत पड़ने पर उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले जाया जा सकता है, जहां आरोपियों के सामने बिठाकर पूछताछ हो सकती है.
जिसमें बाबा सिद्दीकी से दुश्मनी की वजह, पूरी प्लानिंग की कहानी, और आरोपियों से कॉन्टैक्ट कैसे बने जैसे कई सवाल हो सकते हैं. कहा जाता है लॉरेंस से जुड़े गुर्गों ने जब चौटाला गांव में एक घटना को अंजाम दिया था, तब अंकित ऊर्फ भानू और कार ड्राइवर ने जय बलकारी कोडवर्ड का इस्तेमाल कर पैसों की डिलीवरी की थी, और फिर घटना को अंजाम दिया गया था, तब से लॉरेंस ग्रुप का कोडवर्ड जय बलकारी कहा जाता है. लेकिन सवाल ये है कि जब पुलिस को सारी बातें पता है, उसके काले साम्राज्य की सारी जानकारी है तो फिर उसे कोई क्यों नहीं पकड़ता.
लॉरेंस के काले साम्राज्य का नया काला चिट्ठा
11 राज्य और 6 देशों में इसका काला कारोबार फैला है. दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, बंगाल, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, झारखंड और गुजरात में इसके गुर्गे ऑर्डर का इंतजार कर रहे होते हैं, तो वहीं कनाडा, यूएसए, अजरबैजान, पुर्तगाल, यूएई और रूस में इसके लोगों के छिपे होने की ख़बरें सामने आती है. पंजाब में सिद्धू मूसेवाला से लेकर यूपी में अतीक अहमद और दिल्ली में जिम संचालक नादिर शाह तक के केस में लॉरेंस का नाम सामने आया लेकिन इस पर कोई खास असर होता नजर नहीं आया. मुंबई पुलिस के पूर्व एडीजीपी तो ग्लोबल भारत टीवी के कैमरे पर ये तक कहते हैं कि लॉरेंस अब मुंबई में जड़े जमानें की कोशिश में लगा है.
अब सवाल ये उठता है कि आखिर जेल से इसकी बातें बाहर पहुंचाता कौन है, वो वीडियो आपने भी देखा होगा, जिसमें लॉरेंस अपने एक पाकिस्तानी दोस्त से बात कर रहा है. जिसे सुनने के बाद सवाल कई हैं, पर जवाब जीरो है, जिसे तलाशना सुरक्षा एजेंसियों का काम है. फिलहाल बाबा सिद्दीकी के केस में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन फरार है, गिरफ्तार किए गए तीसरे आरोपी का नाम प्रवीण लोनकर है, जिसे पुलिस ने पोस्ट के आरोप में गिरफ्तार किया है, कहा जा रहा है जिसने घटना की जिम्मेदारी ली थी, ये उसका भाई है, शुभ लोंकर नाम के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया गया था, जिसकी जांच में केन्द्रीय एजेंसियां जुटी हैं.