कोलकाता: त्रिणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और पार्टी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने अपनी ही पार्टी के कुछ सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों की उस हमले के बाद चुप्पी साधने पर सार्वजनिक रूप से आलोचना की है, जो TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में उनके दौरे के दौरान हुआ था.
सोशल मीडिया पर एक तीखे पोस्ट में घोष ने पूछा कि पार्टी के अंदर इतने सारे नेताओं ने इस घटना की निंदा क्यों नहीं की और अभिषेक बनर्जी के साथ एकजुटता क्यों नहीं जताई. उन्होंने कहा कि जबकि दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं ने हमले की निंदा की, त्रिणमूल कांग्रेस के कई चुने हुए प्रतिनिधि और पदाधिकारी इस मुद्दे पर पूरी तरह गायब रहे.
उन्होंने कहा, "मैंने अन्य दलों के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के पोस्ट देखे जो अभिषेक पर हमले का विरोध कर रहे थे. लेकिन अपनी ही पार्टी के कई सांसदों, विधायकों, पार्षदों, पदाधिकारियों और पूर्व सरकारी पदाधिकारियों के पोस्ट मेरी नजर में नहीं आए." उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी की मंच से फायदा उठाने वाले कुछ लोग अब जरूरत के समय चुप्पी साधे हुए हैं.
'अभिषेक बनर्जी पर हमला एक साजिश है'
ये टिप्पणियां उस घटना के एक दिन बाद आई हैं, जब अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में पोस्ट-पोल हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे और वहां उन पर कथित तौर पर हमला व गाली-गलौज की गई. इस घटना ने तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है, जिसमें त्रिणमूल कांग्रेस ने अपने विरोधी दलों पर पूर्व-नियोजित हमले का आरोप लगाया है.
संवाददाताओं से बात करते हुए घोष ने इस घटना को साजिश बताया और स्थानीय प्रशासन व पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि हाल ही में संसदीय आउटरीच के तहत विदेश दौरा कर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाया गया. घोष ने बताया कि उन्हें हमले में गंभीर चोटें आई हैं. हम उन्हें पहले अस्पताल ले गए. आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें इस हमले को हल्का दिखाने के लिए दबाव डाला. पूरा देश इसकी निंदा कर रहा है.
घोष ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल अधिकारियों पर दबाव डाला गया ताकि अभिषेक बनर्जी की चोटों को कम करके दिखाया जाए. उनके अनुसार, बनर्जी को शुरू में आईसीयू में भर्ती किया गया था, लेकिन बाद में अस्पताल पर प्रशासन का दबाव पड़ा. बेलव्यू अस्पताल ने बाद में बयान जारी कर कहा कि अभिषेक बनर्जी को छाती पर चोट के अलावा कोई गंभीर चोट नहीं आई है और उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी. अस्पताल ने कहा कि वे होश में हैं, ओरिएंटेड हैं और मेडिकली स्थिर हैं.
इस बीच, TMC चीफ और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आरोप लगाया कि अस्पतालों पर अभिषेक बनर्जी को भर्ती न करने का दबाव डाला जा रहा है. भाजपा ने इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. यह विवाद हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक शब्द-युद्ध को और तीखा बनाता है.