नई दिल्ली : महाराष्ट्र कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे इन दिनों राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर के रूप में सुर्खियों में हैं. मई 2026 में जिम्मेदारी संभालते ही उन्होंने पूरे महाराष्ट्र में मिलावटखोरी, नकली खाद्य पदार्थों और प्रतिबंधित गुटखा-पान मसाला नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया.
सिर्फ शुरुआती दो महीनों में FDA ने 1,100 से ज्यादा निरीक्षण किए, करीब 50 करोड़ रुपये के संदिग्ध और असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त किए, 56 से ज्यादा रेस्टोरेंटों के लाइसेंस निलंबित किए और संगठित गुटखा नेटवर्क पर MCOCA लगाने जैसी कड़ी कार्रवाई भी शुरू की.
मुंडे की टीम ने दूध में मिलावट, नकली पनीर, खराब खाद्य तेल, अवैध गुटखा, बिना लाइसेंस चल रही खाद्य इकाइयों और अस्वच्छ किचनों पर लगातार छापेमारी की. शुरुआती विशेष अभियान में दर्जनों प्रतिष्ठान सील हुए, कई FIR दर्ज हुईं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां भी हुईं.
तुकाराम मुंडे की पहचान सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं है. अपने प्रशासनिक करियर में वे 25 से अधिक तबादलों के बावजूद सख्त और बेबाक फैसलों के लिए जाने जाते रहे हैं. समर्थक उन्हें ईमानदार और निर्भीक अधिकारी बताते हैं, जबकि उनके सख्त फैसलों पर कई बार विवाद भी खड़े हुए.