Rocket Attack in Manipur: मणिपुर में एक संदिग्ध रॉकेट या मोर्टार से एक सिविलियन घर को निशाना बनाया गया, जिसमें दो छोटे बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं. इस घटना से ताजा हिंसा भड़क उठी है. घटना 7 अप्रैल की सुबह-मुहूर्त में बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई, मोइरांग में हुई, जो पहाड़ी-घाटी की संवेदनशील सीमा पर स्थित गांव है.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पास के पहाड़ी इलाकों से दागा गया एक प्रोजेक्टाइल राज्य के बाहर तैनात बीएसएफ जवान ओइनाम मलेमंगनबा के घर पर गिरा. विस्फोट के समय घर में उनकी पत्नी, 37 वर्षीय ओइनाम ओंगबी बिनीता, और उनके दो बच्चे- एक 5 वर्षीय लड़का और 5 महीने का शिशु सो रहे थे. विस्फोट से घर को गंभीर क्षति पहुंची और तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए.
बच्चों की मौत, मां की हालत गंभीर
इन्हें इम्फाल के अस्पताल में ले जाया गया, जहां दोनों बच्चों की इलाज के दौरान मौत हो गई. बिनीता को विस्फोट में लगे छर्रों (स्प्लिंटर) से लगी चोटों का इलाज चल रहा है. स्थानीय निवासियों ने बताया कि प्रोजेक्टाइल के लगते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई. ट्रोंगलाओबी चुराचांदपुर जिले की तलहटी के पास स्थित है और इसे संवेदनशील माना जाता है क्योंकि आस-पास के इलाकों में सशस्त्र समूह सक्रिय बताए जाते हैं.
गांव वालों का कहना है कि पहले भी आसपास की ऊंची पहाड़ियों से प्रोजेक्टाइल दागे जा चुके हैं.
प्रदर्शन भड़के, वाहनों में आग लगाई
इस हमले से घाटी वाले जिलों में तनाव तेजी से बढ़ गया. इसके बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने बिष्णुपुर से गुजर रहे दो तेल टैंकरों और एक ट्रक में आग लगा दी, जो चुराचांदपुर की ओर जा रहे थे. प्रदर्शनकारियों का एक समूह मोइरांग पुलिस स्टेशन पर भी जमा हो गया, जिससे स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया. सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में तैनाती बढ़ा दी है और क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है. आस-पास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन और निगरानी शुरू कर दी गई है.
स्कूल बंद, प्रशासन ने की शांति अपील
स्थानीय विधायक थोंगम शांति ने हमले की निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और निवासियों से हिंसा न करने का आग्रह किया है. आगे अशांति की आशंका को देखते हुए 7 अप्रैल को घाटी वाले कई जिलों के स्कूल बंद रखे गए. मणिपुर कई महीनों से जातीय तनाव और छिटपुट हिंसा का सामना कर रहा है, खासकर पहाड़ी-घाटी विभाजन वाले क्षेत्रों में.