नई दिल्ली: चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ. शिफ्ट बदलते समय सुरंग के अंदर मलबा और कर्मचारियों को ले जा रही दो लोको ट्रॉलियां आमने-सामने टकरा गईं. हादसे के वक्त दोनों ट्रॉलियों में कुल लगभग 110 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर मजदूर, कुछ कर्मचारी और इंजीनियर शामिल थे. सभी अपनी शिफ्ट खत्म करके बाहर की ओर लौट रहे थे. जानकारी के अनुसार, एक ट्रॉली के ब्रेक अचानक फेल हो गए, जिससे वह तेजी से आगे बढ़ी और दूसरी ट्रॉली से जोरदार भिड़ंत हो गई.
टक्कर के झटके से दोनों ट्रॉलियां पटरी से उतरकर पलट गईं. इस घटना से सुरंग में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया. वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला. हादसे में कुल लगभग 60 लोग घायल हुए. इनमें से 42 को गोपेश्वर जिला अस्पताल और 17 को पीपलकोटी के विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया. कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई.
घायलों में अधिकांश मजदूर बिहार, ओडिशा और झारखंड के मूल निवासी हैं. कुछ को हाथ-पैर में गंभीर फ्रैक्चर आए हैं, लेकिन सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है. जिलाधिकारी सौरभ कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की. उन्होंने बताया कि हादसा ठीक शिफ्ट परिवर्तन के समय हुआ था. प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं. परियोजना प्रबंधन और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं.
यह परियोजना अलकनंदा नदी पर बन रही 444 मेगावाट क्षमता की जलविद्युत योजना है, जिसका निर्माण 2013-14 से चल रहा है. इसके पूरा होने पर सालाना करीब 1657 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की उम्मीद है. परियोजना में बड़ा डायवर्जन डैम, लंबी सुरंगें और पेनस्टॉक पाइपलाइन शामिल हैं. नियम के अनुसार, उत्पन्न बिजली का 13 प्रतिशत हिस्सा उत्तराखंड को मुफ्त मिलेगा तथा 1 प्रतिशत राशि स्थानीय क्षेत्र विकास में खर्च की जाएगी.