Union Budget 2024-25: ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के लिए बड़ा ऐलान, बनेंगे इतने करोड़ नए PM आवास

Global Bharat 23 Jul 2024 03:12: PM 2 Mins
Union Budget 2024-25: ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के लिए बड़ा ऐलान, बनेंगे इतने करोड़ नए PM आवास

केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में ‘केन्‍द्रीय बजट 2024-25’ पेश करते हुए कहा कि देश की जनता ने भारत को सतत विकास के मार्ग पर ले जाने और चहुंमुखी समृद्धि के लिए हमारी सरकार को एक महत्‍वपूर्ण अवसर प्रदान किया है. उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 3 करोड़ अतिरिक्‍त आवासों के निर्माण की घोषणा की गई है, जिसके लिए आवश्‍यक धनराशि का प्रबंध बजट में किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश से एक करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की घर संबंधी जरूरतों को पूरा किया जाएगा.

इसमें अगले 5 वर्षों में 2.2 लाख करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता शामिल होगी. वित्‍त मंत्री ने कहा कि किफायती दरों पर ऋण सुविधा के लिए ब्याज सब्सिडी के एक प्रावधान की परिकल्पना भी की गई है. किराये पर मिलने वाले आवासों के बारे में वित्‍त मंत्री ने कहा कि औद्योगिक कामगारों के लिए वीजीएफ सहायता और एंकर उद्योगों की प्रतिबद्धता के साथ पीपीपी मोड में डोरमेट्री जैसे आवास वाले किराए के मकानों की सुविधा प्रदान की जाएगी. उन्‍होंने कहा कि इसके अलावा, अधिक उपलब्धता के साथ दक्ष और पारदर्शी किराए के आवास बाजारों के लिए समर्थकारी नीतियां तथा विनियम भी बनाए जाएंगे.

सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार राज्यों के साथ मिलकर “विकास केंद्रों के रूप में शहरों” को विकसित करने की सुविधा पर काम करेगी. उन्‍होंने कहा कि आर्थिक और आवागमन संबंधी नीतियों तथा नगर आयोजना स्कीमों का उपयोग करके शहरों के आस-पास के क्षेत्रों को सुव्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाएगा. वित्‍त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि 30 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 14 बड़े शहरों के लिए कार्यान्वयन और वित्तपोषण रणनीति के साथ आवागमन उन्मुखी विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी.

निर्मला सीतारमण ने जल आपूर्ति और स्‍वच्‍छता के बारे में बात करते हुए कहा कि केन्‍द्र सरकार, राज्य सरकारों तथा बहुपक्षीय विकास बैंकों की साझेदारी में भरोसेमंद परियोजनाओं के माध्यम से 100 बड़े शहरों के लिए जल आपूर्ति, सीवेज उपचार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा वित्तीय रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं को बढ़ावा देगी. इन परियोजनाओं के माध्‍यम से मिलने वाले जल का इस्‍तेमाल सिंचाई तथा आस-पास के क्षेत्रों में तालाबों को भरने की भी परिकल्पना की जा रही है.

वित्‍त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सडक पर रेहड़़ी-पटरी लगाने वाले दैनिक विक्रेताओं के जीवन में बदलाव लाने के उद्देश्‍य से पीएम स्वनिधि की सफलता के आधार पर, अगले पांच साल में प्रत्येक वर्ष चुनिंदा शहरों में 100 साप्ताहिक ‘बाजार’ या स्ट्रीट फूड हब के विकास में सहायता के लिए एक योजना की परिकल्पना की है.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी सरकार सभी के लिए स्‍टाम्‍प शुल्‍क की दरों को कम करने तथा महिलाओं द्वारा खरीदी गई संपत्तियों के लिए शुल्कों को और कम करने पर भी विचार करने हेतु उन राज्यों को प्रोत्साहित करेंगे, जिन्होंने अधिक स्टाम्प शुल्क लगाना जारी रखा है. उन्‍होंने कहा कि इस सुधार को शहरी विकास योजनाओं का अनिवार्य घटक बनाया जाएगा.

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