योगी का हेलीकॉप्टर बिहार में जबसे दिशा भटका, तब से योगी की सुरक्षा में लगे जवान और अलर्ट हो गए हैं. देश और दुनियाभर से मिल रही धमकियों के बीच योगी की सुरक्षा को फुलप्रूफ करने के आदेश जारी हुए हैं. जिसके मुताबिक अब एक करोड़ रुपये लगाकर यूपी पुलिस खास सामान खरीदने जा रही है. क्या एनएसजी ने इसके लिए यूपी पुलिस से बात की और फिर टेंडर जारी हुआ, क्योंकि योगी की सुरक्षा में लगने वाला एक भी सामान बिना एनएसजी की मंजूरी के नहीं लग सकता.
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ऐसे में पहले ये जानना जरूरी है कि वो सामान कौन से हैं. फिर बताते हैं इसकी जरूरत क्यों पड़ी. शासन की ओर से एडीजी हेडक्वार्टर में भेजे गए लेटर में साफ-साफ लिखा है राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों को की सुरक्षा को अपग्रेड करने के लिए 1 करोड़ 2 लाख 20 हजार रुपये के 91 उपकरण खरीदे जाएंगे. इसमें 42 लाख रुपये के 3 मॉडर्न ड्रोन, 25 लाख रुपये के 50 बॉडीवॉर्न कैमरा, 6 लाख 80 हजार के 34 ड्रेसकैम, 28 लाख 40 हजार रुपये के 4 नाइट विजन कैमरा शामिल है.
य़ानी रात में भी सीएम योगी आदित्यनाथ का दौरा होगा तो किसी तरीके की सुरक्षा में सेंध की कोई गुंजाइश नहीं होगी. हालांकि यहां ये समझना भी जरूरी हो जाता है कि बॉडीवॉर्न कैमरा और ड्रेसकैम अलग-अलग चीजें क्यों हैं, दोनों तो बॉडी पर ही लगेंगी, फिर ये दोनों अलग-अलग क्यों खरीदे जा रहे हैं. तो इसके लिए आपको दोनों का अंतर समझना होगा.
क्या है बॉडीवॉर्न, ड्रेसकैम कैमरा?
बॉडीवॉर्न कैमरा आपको बाहर से दिखता है. मतलब वर्दी के ऊपर आम तौर पर कंधे पर इसे ट्रैफिक पुलिस, आर्मी या कमांडोज लगाते हैं. जबकि ड्रेसकैम बाहर से नहीं दिखता है. उसे वर्दी के अंदर ऐसे छिपाकर लगाया जाता है कि सामने वाले को पता ही नहीं चले कि ये कैमरा है.
इसकी मदद से योगी की सुरक्षा में लगे जवान ये भी नोटिस कर सकते हैं कि पब्लिक रैली के दौरान किसका इरादा क्या था, जो चीज खुली आंखों से ठीक से नहीं दिखती, वो कैमरे की मदद से आसानी से देखा जा सकता है.
ऐसे कैमरों की रिकॉर्डिंग सीधा हेडक्वार्टर में हो सकती है और वहां से फिर किसी भी गलत इरादे वाले आरोपी को पकड़ना आसान हो जाएगा. फिलहाल इसकी संभावना नहीं दिखती कि योगी की सुरक्षा एसपीजी कमांडो के हवाले की जाए. क्योंकि एसपीजी वाली सुरक्षा फिलहाल सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री के पास है औऱ गृहमंत्रालय सुरक्षा की समीक्षा के बाद ये तय करता है कि किसे किस कैटेगरी की सुरक्षा मिलनी चाहिए.
बता दें कि योगी की सुरक्षा में लगा एक जवान बीते दिनों बेहोश हो गया था और उशके बाद बिहार में योगी का हेलीकॉप्टर रास्ता भटक गया था. जिसके बाद योगी की सुरक्षा बढ़ाने की मांग होने लगी थी. योगी के समर्थक ये कहने लगे थे कि ये बड़ी लापरवाही है और अब यूपी पुलिस ने ये आदेश जारी किया है कि एक करोड़ रुपये की लागत से खास उपकरण खरीदे जाएंगे तो ये बात साफ समझ आती है कि योगी की सुरक्षा को अपग्रेड करने के लेकर पुलिस-प्रशासन भी चिंतित है.
हर महीने आते हैं धमकी भरे कॉल
हर महीने योगी को लेकर धमकी भरे कॉल पीसीआर को आते हैं. कोई वीडियो बनाकर धमकी देता है तो कोई चिट्ठी लिखता है. ऐसे लोगों के बीच यूपी पुलिस के इस एक्शन से सख्त संदेश जाएगा और हर धमकीबाज यही सोचेगा कि अब तो जवानों की बॉडी में कैमरा लगा है अगर कुछ गलत सोचा भी पुलिस घर से उठा ले जाएगी.