121 मौत के 22 घंटे बाद पाखंडी बाबा ने मुंह खोला, तो एक साथ कईयों को गुनाहगार बता डाला. उसने लेटर जारी कर अपना बयान दिया है, लेकिन बाबा के इस बयान के पीछे किसका दिमाग है, ये सुनेंगे तो दंग रह जाएंगे. बाबा अपने लेटर में लिखता है मैं मृतकों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करता है, सच ये है कि मैं भगदड़ मचने से पहले ही वहां से निकल गया था.
समागम और सत्संग के बाद अराजकतत्वों ने जिस तरह का काम किया है, उन पर कानूनी एक्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह को हमने आधिकारिक तौर पर अधिकृत किया है. यानी जिन एपी सिंह ने निर्भया के दोषियों का मुकदमा लड़ा. वही अब बाबा का मुकदमा लड़ेंगे. वहां मौजूद लोग कहते हैं हम बाबा के चरणों की धूल लेने जा रहे थे. इसलिए भगदड़ मचा, लेकिन बाबा बचने के लिए अब लगता है झूठ बोलने लगा.
कहा जा रहा है कि खुद सीएम योगी जब हाथरस में पीड़ितों से मिल रहे थे तो खुद को भोलेबाबा कहने वाला सूरज पाल अपने बचाव के लिए वकील ढूंढ रहा था. वरिष्ठ वकील एपी सिंह एक न्यूज चैनल से बातचीत में ये दावा करते हैं कि बाबा की कोई गलती ही नहीं है, तो सवाल है कि फिर बाबा भाग क्यों रहा है. उसकी लेटेस्ट लोकेशन पता करने में यूपी पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं और जांच में यूपी पुलिस को जो पता चला है वो दंग करने वाला है, फरारी के बाद बाबा ने चार नंबर्स पर फोन मिलाए.
पहला नंबर था- आयोजक देव प्रकाश का, जो 2 बजकर 48 मिनट को बाबा को फोन करता है, शायद उसने घटना की जानकारी दी होगी. उससे कुछ मिनट बात करता है फिर फोन रख देता है.
दूसरा नंबर था- महेश चंद्र नाम के व्यक्ति का, जो बाबा का खास बताया जाता है, इससे बाबा करीब तीन मिनट तक बात करता है. शायद ये जानने की कोशिश करता है. मामला कितना बड़ा है और इसके बाद वो सेकेंड में बात करता है.
तीसरा नंबर था- संजू यादव का, जिसे फोन कर बाबा कुछ ऐसा कहता है, जिसकी जानकारी सामने आई तो बड़ा भूचाल मच सकता है.
चौथा नंबर था- रंजना का, जो आयोजक देव प्रकाश की पत्नी है, उससे बाबा ने क्या कहा, ये राज का विषय है.
कई नंबर पर बाबा ने एक मिनट से भी कम बात की है, जो ये बताती है कि वो अपने पुलिसवाली ट्रेनिंग का इस्तेमाल कर रहा है. अगर तय समय से कम बातचीत होती है तो लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल होता है, लेकिन सूरज पाल शायद ये भूल गया है कि उसके पास जितना दिमाग है, उससे ज्यादा यूपी पुलिस का दिमाग अभी खराब है.
यूपी पुलिस ने राजस्व विभाग की टीम को ये आदेश दे दिया है कि बाबा के खिलाफ जितने भी जमीन के मामले हैं, सब देखो, पता करो कि इसने कहां-कहां जमीन कब्जाई है. ताकि फिर बुलडोजर तैयार हो सके. जैसे ही पुलिस को पता चला कि हाथरस के गांव से कथा खत्म करने के बाद बाबा सीधा मैनपुरी पहुंच गया है, वहां आधी रात को ही भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया.
वहां खड़ी प्राइवेट आर्मी से कुछ पुलिसवालों की बहस हुई, लेकिन फिर भी बाबा पकड़ा नहीं जा सका. ऐसे मामलों में आरोपी या तो अपने अड्डे से भागकर किसी सीक्रेट अड्डे पर शरण लेता है या फिर नेपाल भाग जाता है, नारायण साकार हरि कहां भागा है, ये किसी को नहीं पता, फिलहाल यूपी पुलिस की दर्जनों टीमें उसकी तलाश में जुटी है.