Uttar Pradesh Bulldozer Politics: दिव्यांग राजेंद्र प्रसाद सेल्समैन की नौकरी करते हैं, बड़ी बात ये हैं कि खुद BJP कार्यकर्ता हैं, उनके पुराने मकान में उनकी बहू, रोता बिलखता परिवार, बुलडोज़र कार्रवाई से हर कोई हैरान है? परिवार बांदा के ज़िला पंचायत सदस्य सुनील सिंह पटेल का नाम लेता हैं. आरोप ये भी है कि घर में रखे सामान को भी बुलडोज़र ने कुचल डाला! SDM रतन वर्मा के आदेश के बाद ही चार बुलडोज़र कार्रवाई करने पहुंचे. घर तोड़ दिया गया, हैरानी की बात ये हैं कि जिस वक्त घर तोड़ा जा रहा था, उस वक्त बारिश हो रही थी, परिवार का दावा हैं कि कोई सूचना या नोटिस नहीं मिला था, घर में जो सामान था वो सब अब मिट्टी में मिल चुका है. सवाल है कि योगी आदित्यनाथ ने सदन में खड़े होकर कहा था अपराधियों को मिट्टी में मिला देंगे, देश की जनता ने समर्थन दिया, लेकिन यहां गरीब परिवार का घर मिट्टी में क्यों मिलाया गया? क्या विधायक की कुर्सी के लिए बली ब्राह्मण परिवार के मकान की ली गई? बेहद हैरान करने वाली कहानी बाहर आई है!
अब घर टूट जाने के बाद नेताओं की एंट्री होती है, बीजेपी विधायक, SDM को फोन लगाते हैं, खुली धमकी देते हैं कि ये सब ठीक नहीं हुआ है, आपने घर कैसे तोड़ दिया है, बात ऊपर तक जाएगी, ज़रूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाएंगे? वो वीडियो भी खूब वायरल है!
लेकिन कहानी यहां ख़त्म नहीं होती है. दरअसल मध्य कृषक समिति का दावा है कि ये ज़मीन उनकी है, 5 सितंबर 2016 को मुकदमा ख़ारिज हो गया था. राजेंद्र प्रसाद पाण्डेय की की बहू खुलकर ज़िला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल का नाम लेती हैं, दावा है कि इनके कहने पर ही घर तोड़ा गया है! क्योंकि परिवार ने ज़मीन देने से मना कर दिया था. गंभीर बात ये है कि जिनका घर तोड़ा गया है वो खुद बीजेपी कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने घर तोड़वाया सुनील सिंह पटेल वो भी बीजेपी नेता हैं, जो SDM को धमकी दे रहे हैं, वो भी बीजेपी के विधायक है? तो सवाल है कि आख़िर घर तोड़ा क्यों?
सुनील सिंह पटेल, बीजेपी नेता हैं, इनकी वर्तमान विधायक प्रकाश द्विवेदी के साथ पुरानी दुश्मनी है! वर्चस्व की लड़ाई पुरानी है, सुनील सिंह पटेल ने कुछ समय पहले ही विधायक पर गंभीर आरोप लगाए थे. 100 करोड़ से ज्यादा घाटोले का आरोप विधायक और उनकी पत्नी पर लगाया था! दोनों बीजेपी नेता हैं, दोनों की अपनी-अपनी हनक है, एक हनक के दम पर SDM से घर तुड़वाता है, दूसरे विधायक जी, SDM को धमकाते हैं? बीजेपी में क्या चल रहा है? इससे जनता को ख़ास फर्क नहीं पड़ता है? सवाल है कि गरीब ब्राह्मण परिवार का घर क्यों तोड़ा?
अब बात योगी तक पहुंच सकती है? फिर भी सवाल बाकी रहेगा घर क्यों तोड़ा? जब यहां कोई अपराधी नहीं रहता है तो एक्शन कैसे लिया गया? ज़मीन अगर कब्जा भी था तो पहले परिवारों को कहीं बसाने का आदेश दिया जाता, फिर उनके घर पर कार्रवाई हो सकती है? यूपी ने बीते 8 सालों में कई बुलडोज़र एक्शन देखे हैं? क्या ये बदले के भाव की गई कार्रवाई नहीं लगती है? क्या बीजेपी नेताओं के आपसी विवाद में एक परिवार शिकार नहीं हो गया? बांदा की ये ख़बर कई सवालों के साथ वायरल हो रही है? समाजवादी पार्टी इसको मौका देखकर भुना सकती है, लेकिन परिवार पूरी तरह से तबाह हो गया!