शादी का वादा पूरा न होने पर लंबे समय तक सहमति से चले रिश्ते को रेप नहीं माना जाएगा: हाईकोर्ट

Amanat Ansari 15 Feb 2026 01:44: AM 1 Mins
शादी का वादा पूरा न होने पर लंबे समय तक सहमति से चले रिश्ते को रेप नहीं माना जाएगा: हाईकोर्ट

Uttarakhand High Court: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि जब दो वयस्क व्यक्ति लंबे समय तक सहमति से रिश्ते में रहते हैं, तो बाद में शादी का वादा पूरा न करना अपने आप में धारा 376 आईपीसी (बलात्कार) के तहत अपराध नहीं माना जाएगा, जब तक यह साबित न हो कि शुरू से ही शादी का वादा झूठा और धोखाधड़ी वाला था.

मामले में मसूरी की एक महिला ने सूरज बोरा पर आरोप लगाया था कि उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए. बाद में उसने 45 दिनों में शादी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन शादी से इनकार कर दिया. पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की, जिसे सूरज बोरा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी.

प्रतिवादी (आरोपी) पक्ष का तर्क था कि दोनों वयस्क थे, लंबे समय तक सहमति से रिश्ता चला, FIR में कोई ठोस सबूत नहीं है कि शुरू से ही आरोपी का इरादा धोखा देने का था. यह महज एक असफल रिश्ता है. ऐसे में आपराधिक कार्यवाही कानून की दुरुपयोग होगी. जिसपर राज्य सरकार और महिला पक्ष ने विरोध जताया.

महिला पक्ष का तर्क था कि पीड़िता ने केवल शादी के आश्वासन पर ही सहमति दी थी. वादा पूरा न होने से सहमति को धोखाधड़ी माना जाना चाहिए. वादा शुरू से झूठा था या नहीं यह तो ट्रायल में सबूतों से ही तय होगा. इसलिए केस को अभी खारिज नहीं किया जाना चाहिए.

दोनों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति आशीष नैथानी ने कहा, "एक वयस्क महिला द्वारा दी गई सहमति इसलिए दूषित नहीं हो जाती क्योंकि रिश्ता शादी में नहीं बदला. इसे धारा 376 के तहत अपराध मानने के लिए यह साबित होना जरूरी है कि शादी का वादा केवल सहमति हासिल करने का बहाना था और आरोपी ने कभी शादी करने का इरादा ही नहीं रखा था."

कोर्ट ने आगे नोट किया कि दोनों के बीच लंबा रिश्ता था. बार-बार शारीरिक संबंध बने, यह पारस्परिक सहमति की ओर इशारा करता है, न कि शुरूआती धोखे की. बिना ठोस आधार के आपराधिक कार्यवाही जारी रखना आरोपी के लिए उत्पीड़न होगा
अंत में हाईकोर्ट ने देहरादून के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित आपराधिक केस और 22 जुलाई 2023 की चार्जशीट को पूरी तरह खारिज (Quash) कर दिया.

Uttarakhand High Court promise of marriage Section 376 IPC

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