मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा में वृंदावन में आयोजित 84 कोसी परिक्रमा के दौरान एक सास-बहू की जोड़ी श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. परिवार और संस्कारों की मिसाल पेश करने वाली इस घटना ने लोगों का दिल जीत लिया है. मथुरा जिले के कोसी कलां की रहने वाली प्रीति चौधरी ने अपनी 85 वर्षीय सास चंद्रो देवी की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी करने का संकल्प लिया. उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण चंद्रो देवी स्वयं चलकर 84 कोस की परिक्रमा करने में सक्षम नहीं थीं. हालांकि, उनके मन में ब्रज क्षेत्र की पवित्र परिक्रमा करने की गहरी इच्छा थी.
सास की इसी मनोकामना को पूरा करने के लिए प्रीति चौधरी ने अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने अपनी सास को एक टब में बैठाया और उसे सिर पर उठाकर परिक्रमा मार्ग पर निकल पड़ीं. कई किलोमीटर लंबे और कठिन रास्ते पर बहू का यह समर्पण देखकर लोग भावुक हो गए.
रास्ते में मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय लोग इस दृश्य को देखकर प्रीति की सराहना करते नजर आए. किसी ने इसे सेवा का सर्वोच्च उदाहरण बताया तो किसी ने भारतीय पारिवारिक संस्कारों की जीवंत तस्वीर कहा. इस अनोखी परिक्रमा का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
84 कोसी परिक्रमा को अत्यंत कठिन और तपस्या समान माना जाता है. ऐसे में अपनी बुजुर्ग सास को साथ लेकर यह यात्रा पूरी करना आसान नहीं था, लेकिन प्रीति चौधरी ने अपने धैर्य, सेवा भाव और आस्था से यह साबित कर दिया कि रिश्ते केवल शब्दों से नहीं, बल्कि त्याग और समर्पण से निभाए जाते हैं.