नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास हालिया कार ब्लास्ट की जांच में एक नया खुलासा हुआ है. फरीदाबाद से गिरफ्तार की गई डॉ. शाहीन शाहिद (उर्फ शाहीन सईद) की पहली तस्वीर सामने आई है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, वह पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात' की भारत इकाई की प्रमुख थीं. उन्हें महिलाओं को कट्टरपंथी बनाने, भर्ती करने और संगठन के प्रचार-फंडिंग कार्यों में लगाने का जिम्मा सौंपा गया था. यह विंग JeM की नई रणनीति का हिस्सा है, जो महिलाओं को जिहाद के नाम पर सक्रिय करने पर केंद्रित है.
डॉ. शाहीन को यह जिम्मेदारी पाकिस्तान में JeM प्रमुख मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर ने दी थी. सादिया खुद इस विंग की कमान संभाल रही हैं. उनके पति यूसुफ अजहर 1999 के कंधार हाईजैकिंग के मास्टरमाइंड थे, जिन्हें मई 2025 में भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' में मार गिराया गया था. JeM ने हाल के वर्षों में महिलाओं को धार्मिक प्रचार, मनोवैज्ञानिक युद्ध और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए शामिल करने की योजना तेज की है. ऑनलाइन क्लासेस और सोशल मीडिया के जरिए रिक्रूटमेंट किया जा रहा है, जिसमें सादिया और उनकी बहन समैरा अजहर भी शामिल हैं.
गिरफ्तारी का बैकग्राउंड क्या है
डॉ. शाहीन लखनऊ की रहने वाली हैं और फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी हुई थीं. उनकी गिरफ्तारी डॉ. मुजम्मिल गनई से लिंक होने के बाद हुई. मुजम्मिल के फरीदाबाद में किराए के मकानों से 2,900 किलो से ज्यादा विस्फोटक, हथियार और बम मेकिंग मटेरियल बरामद हुए थे. शाहीन के मारुति स्विफ्ट कार से एक असॉल्ट राइफल और गोला-बारूद मिला, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया. वह श्रीनगर लाई गई हैं, जहां पूछताछ जारी है.
खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह 'व्हाइट-कॉलर' टेरर मॉड्यूल डॉक्टरों और प्रोफेशनल्स को कवर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था. शाहीन का डॉ. मुजम्मिल और डॉ. अदील अहमद राथर से करीबी रिश्ता था, जो ब्लास्ट से जुड़े अन्य आरोपी हैं. JeM ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद अपनी क्षमता दोबारा बनाने के लिए यह विंग अक्टूबर 2025 में लॉन्च किया था, जिसमें मसूद अजहर ने बहावलपुर से ऑडियो मैसेज जारी कर महिलाओं को जुटाने का आह्वान किया था.
अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर सवाल
एनडीटीवी के रिपोर्टर मुकेश सेंगर ने बताया कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी 70 एकड़ में फैली हुई है, जहां सैकड़ों छात्र पढ़ते हैं. क्या शाहीन ने यहां के अन्य छात्रों या सहकर्मियों को भी कट्टर बनाया? जांच में टेलीग्राम पर एक ग्रुप का पता चला, जहां रेडिकलाइजेशन हो रहा था. इस ग्रुप में कई डॉक्टर थे, जिनमें से कुछ मारे गए या गिरफ्तार हो चुके हैं. पाकिस्तान से हैंडलर्स सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए संपर्क में थे. विशेष रूप से शाहीन को महिलाओं को जिहाद के लिए मोटिवेट करने का टास्क मिला था.
पुलवामा से जुड़े अन्य संदिग्ध
ये तीनों भाई-भतीजे हैं और JeM के नेटवर्क से जुड़े होने का शक है. कुल मिलाकर, दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर जांच कर रही हैं. मसूद अजहर के परिवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारी नुकसान हुआ था, जिसमें 10 से ज्यादा सदस्य मारे गए थे, जिसके बाद JeM ने महिलाओं पर फोकस बढ़ाया.जांच जारी है, और इससे JeM की पाकिस्तान से भारत में घुसपैठ वाली साजिश का और पर्दाफाश हो सकता है.