संसद के मानसून सत्र में क्या-क्या बिल लाएगी सरकार, देख लीजिए पूरी डिटेल

Amanat Ansari 20 Jul 2025 04:36: PM 3 Mins
संसद के मानसून सत्र में क्या-क्या बिल लाएगी सरकार, देख लीजिए पूरी डिटेल

संसद का मानसून सत्र 2025: भारत की संसद का मानसून सत्र कल, 21 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो 21 अगस्त तक चलेगा. इस सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने की योजना बना रही है, जो देश की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक धरोहर जैसे क्षेत्रों को प्रभावित करेंगे. स्वतंत्रता दिवस समारोहों के कारण 13 और 14 अगस्त को संसद की कार्यवाही स्थगित रहेगी. इस बार सत्र न केवल विधायी सुधारों के लिए चर्चा में है, बल्कि डिजिटल नवाचारों और पारदर्शिता की दिशा में उठाए गए कदमों के लिए भी सुर्खियां बटोर रहा है. प्रमुख विधेयक जो होंगे पेश लोकसभा सचिवालय के अनुसार, सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करेगी, जिनमें शामिल हैं...

  • जीएसटी (संशोधन) विधेयक 2025: कर प्रणाली को और सुगम बनाने की कोशिश.
  • कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025: कर संरचना में सुधार के लिए.
  • जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक 2025: जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए.
  • भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025: IIMs की कार्यप्रणाली में बदलाव.
  • भू-धरोहर स्थल और भू-अवशेष (संरक्षण और रख-रखाव) विधेयक 2025: सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए.
  • खनन और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2025: खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और विकास.
  • राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक 2025: खेल प्रशासन और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए.
  • गोवा में अनुसूचित जनजातियों के लिए विधानसभा सीटों का पुनः समायोजन विधेयक 2024: गोवा में प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के लिए.
  • मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2024 और भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025: समुद्री व्यापार और बंदरगाहों के विकास के लिए.
  • आयकर विधेयक 2025: आयकर नियमों में सुधार के लिए.

इन विधेयकों के जरिए सरकार का लक्ष्य आर्थिक सुधारों, सांस्कृतिक संरक्षण और खेल जैसे क्षेत्रों में प्रगति करना है. डिजिटल संसद की ओर कदम इस सत्र में संसदीय कार्यवाही को डिजिटल और समावेशी बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं. लोकसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में शुरू की गई नई पहलों ने संसद को आधुनिक और पारदर्शी बनाने का रास्ता खोला है. सभी सांसदों की सीटों पर मल्टीमीडिया कॉन्फ्रेंसिंग डिवाइस (MMD) लगाए गए हैं, जिससे सांसद डिजिटल रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे. यह न केवल समय बचाएगा, बल्कि संसदीय प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाएगा.

इसके अलावा, संसद की कार्यवाही और एजेंडा से जुड़े दस्तावेज अब 12 भाषाओं—असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, उड़िया, पंजाबी, तमिल और तेलुगू—में उपलब्ध होंगे. ये दस्तावेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स की मदद से तैयार किए जा रहे हैं और डिजिटल संसद पोर्टल (https://sansad.in) पर रियल-टाइम में उपलब्ध होंगे. इस पहल का उद्देश्य देशभर के नागरिकों को विधायी प्रक्रिया की बेहतर समझ प्रदान करना है.

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 21 जुलाई से 21 अगस्त तक मानसून सत्र के आयोजन को मंजूरी दे दी है. इस सत्र में विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक कई मुद्दों, जैसे पहलगाम हमला और बिहार में मतदाता सूची संशोधन को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है. यह सत्र न केवल भारत की विधायी प्रक्रिया के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस के मॉडल के रूप में भी महत्वपूर्ण है.

डिजिटल संसद पोर्टल और बहुभाषी दस्तावेजों की उपलब्धता भारत की विविधता को सम्मान देने के साथ-साथ तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देती है. यह कदम न केवल सांसदों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी संसदीय प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाएगा. मानसून सत्र 2025 में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस की उम्मीद है. विधेयकों के पारित होने से लेकर डिजिटल नवाचारों तक, यह सत्र भारत की संसदीय प्रणाली में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है. नागरिकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ये सुधार और विधेयक देश की प्रगति को कैसे प्रभावित करेंगे.

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