नई दिल्ली: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया, तब पूरे देश की निगाहें उनके ठीक पीछे पूर्ण अनुशासन और सैन्य गरिमा के साथ खड़ी एक महिला सैन्य अधिकारी पर टिक गईं। प्रधानमंत्री को ध्वजारोहण की औपचारिक प्रक्रिया में सहायता करने वाली यह जांबाज अधिकारी कैप्टन सोनिया सिंह चौहान हैं। उनकी इस अनुशासित और आत्मविश्वास से भरी मौजूदगी ने लाल किले के मंच पर 'नारी शक्ति' और भारतीय सशस्त्र बलों के गौरव को जीवंत कर दिया।
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण एक बेहद जटिल और सेकंड-टू-सेकंड सैन्य प्रोटोकॉल के तहत आयोजित होता है। इस वर्ष रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं के संयुक्त समन्वय के तहत कैप्टन सोनिया सिंह चौहान को प्रधानमंत्री के साथ मंच पर ध्वज की रस्सियों को संभालने और राष्ट्रीय ध्वज को फहराने में सहायता करने की महत्वपूर्ण औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके इस तालमेल के साथ ही स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी और राष्ट्रगान का समन्वय पूरा हुआ।
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त अधिकारी हैं, जो अपनी योग्यता और कठोर प्रशिक्षण के बल पर इस मुकाम तक पहुंची हैं। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसने देश भर की लाखों युवा बेटियों को सशस्त्र बलों में शामिल होने और देश सेवा के लिए प्रेरित किया है। आज भारतीय सेना में महिलाएं न केवल प्रशासनिक बल्कि कॉम्बैट और रणनीतिक जिम्मेदारियों में भी आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही हैं।
यदि देश की बेटियां कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की तरह सेना में अधिकारी बनकर तिरंगे की शान बढ़ाना चाहती हैं, तो इसके लिए मुख्य रास्ते इस प्रकार हैं:
शैक्षणिक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री।
सीडीएस परीक्षा (CDS Exam): यूपीएससी द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज परीक्षा पास करके महिलाएं ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) के लिए आवेदन कर सकती हैं।
एनसीसी स्पेशल एंट्री: एनसीसी 'C' सर्टिफिकेट धारक महिला उम्मीदवार बिना लिखित परीक्षा के सीधे सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू में शामिल हो सकती हैं।
प्रशिक्षण: एसएसबी इंटरव्यू और मेडिकल क्लीयरेंस के बाद ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई में कठिन सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है।