Dasna Madrasa Demolition : गाजियाबाद के दासना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मदरसे पर बुलडोजर चलने के बाद एक नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है सीनू प्रधान. लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर सीनू प्रधान कौन हैं और मदरसे के निर्माण से उनका नाम क्यों जोड़ा जा रहा है. दरअसल, क्षेत्र के कई लोगों का दावा है कि वर्ष 2015 में जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब इस मदरसे का निर्माण हुआ था.
आरोप लगाए जा रहे हैं कि उस समय सपा से जुड़े जिला पंचायत सदस्य रहे सीनू प्रधान और कुछ प्रभावशाली नेताओं का इस निर्माण को संरक्षण प्राप्त था. हालांकि, इन आरोपों की अब तक किसी आधिकारिक जांच या सरकारी दस्तावेज से पुष्टि नहीं हुई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जमीन सरकारी थी, तो निर्माण के दौरान प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की. यही वजह है कि अब बुलडोजर कार्रवाई के बाद पुराने राजनीतिक संबंधों और कथित संरक्षण को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
विपक्षी दल और स्थानीय लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर सरकारी जमीन पर इतना बड़ा ढांचा कैसे खड़ा हुआ और किसके प्रभाव में वर्षों तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसी वजह से सीनू प्रधान का नाम चर्चा के केंद्र में आ गया है.
फिलहाल प्रशासन का फोकस अवैध कब्जे और सरकारी भूमि से जुड़े मामले पर है, लेकिन मदरसे के निर्माण और उससे जुड़े राजनीतिक संरक्षण के आरोपों ने इस पूरे प्रकरण को सियासी बहस का विषय बना दिया है.