नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने भारत के प्रमुख अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा को विश्व बैंक का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त कर दिया है. यह नियुक्ति भारत की बढ़ती वैश्विक छवि और आर्थिक कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 4 जून को इस फैसले की पुष्टि की.
नीलकंठ मिश्रा का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा. वे रिटायर आईएएस अधिकारी परमेश्वरन अय्यर की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल जल्द समाप्त होने वाला है. तब तक अय्यर पद पर बने रहेंगे.
विश्व बैंक बोर्ड में भारत का मजबूत प्रतिनिधित्व
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नीलकंठ मिश्रा विश्व बैंक के बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. यह बोर्ड बैंक के लोन प्रोग्राम और अन्य अहम फैसलों के लिए जिम्मेदार होता है. इस पद पर पहुंचकर वे भारत की विकास प्राथमिकताओं को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से रख सकेंगे.
कौन हैं नीलकंठ मिश्रा?
बोकारो स्टील सिटी के दिल्ली पब्लिक स्कूल से स्कूली शिक्षा. आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक. शुरुआती करियर में हिंदुस्तान लिवर (अब HUL) में सिस्टम मैनेजर के रूप में काम किया. यह नियुक्ति न सिर्फ नीलकंठ मिश्रा की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारत की मजबूत आर्थिक सोच को विश्व पटल पर और आगे ले जाने का अवसर भी है. उनकी विशेषज्ञता से विश्व बैंक के माध्यम से भारत के विकास लक्ष्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है.