Bhojpuri film industry scandal: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में सेक्स स्कैंडल, लीक्ड MMS, वायरल वीडियो की कई घटनाएं समय-समय पर सुर्खियों में रही हैं. ये ज्यादातर अभिनेत्रियों से जुड़ी होती हैं, जहां प्राइवेट वीडियो लीक होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन कई मामलों में ये फेक, मॉर्फ्ड (एडिटेड) या डिपफेक साबित होते हैं. इंडस्ट्री में B-ग्रेड मूवीज, बोल्ड सीन और सेक्सुअल कंटेंट की वजह से ऐसी अफवाहें ज्यादा फैलती हैं. आईए जानते हैं किस-किस अभिनेत्रियों के नाम इसमें घसीटा गया है.

त्रिशा कर मधु (Trisha Kar Madhu): 2021-2024 के आसपास भोजपुरी एक्ट्रेस और डांसर त्रिशा कर मधु का 22 मिनट का प्राइवेट सेक्स वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें बॉयफ्रेंड के साथ इंटीमेट सीन थे. ये काफी डिस्कस हुआ और कई जगहों पर वायरल हुआ. बाद में त्रिशा कर मधु Bigg Boss OTT जैसे शो में भी नजर आईं और खूब सुर्खियां बटोरी.

अक्षरा सिंह (Akshara Singh): अक्षरा सिंह को कौन नहीं जानता है, 2022-2023 में उनका कथित MMS लीक हुआ. उन्होंने सोशल मीडिया पर ब्रेक साइलेंस किया और कहा कि ये सस्ता हरकत है, वो रोएंगी नहीं. उन्होंने लोगों से अपील की कि उनकी मां-बहन-बेटी को ऐसा न झेलना पड़े. कई जगह इसे फेक या बदले की भावना से बताया गया.

शिल्पी राज (Shilpi Raj): 2022 में उनका प्राइवेट वीडियो लीक होने की खबर आई, जिसमें कम्प्रोमाइजिंग पोजिशन थी. ये भी करियर पर असर डालने वाला स्कैंडल रहा.

प्रियंका पंडित (Priyanka Pandit): उनका वायरल MMS क्लेम किया गया, लेकिन उन्होंने कहा कि ये मॉर्फ्ड है और उनके खिलाफ साजिश है. पुलिस जांच की बात भी आई.

दीया सिंह (Diya Singh): एक सेक्स स्कैंडल में फंसीं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दी. उन्होंने इसे फाइट करने की बात कही. अन्य कुछ पुराने नाम जैसे सीमा, काजल कुमारी, मुस्कान यादव आदि से भी MMS या वीडियो के दावे आते रहे, लेकिन ज्यादातर पॉर्न साइट्स पर फेक और ट्रैप कंटेंट के रूप में इस्तेमाल होते हैं.

ध्यान देने वाली बात यह है कि भोजपुरी इंडस्ट्री में B-ग्रेड या बोल्ड फिल्में जैसे पंचाल ट्रेलर में सबसे अश्लील क्लेम आम हैं, लेकिन असली स्कैंडल कम ही साबित होते हैं. ज्यादातर सेक्स स्कैंडल पॉर्न साइट्स, xHamster, XNXX, XVideos आदि पर अपलोडेड फेक और एडिटेड वीडियो होते हैं, जो Bhojpuri scandal सर्च से मिलते हैं. कई एक्ट्रेस ने इसे साइबर क्राइम, रिवेंज पोर्न या डिफेमेशन बताया और केस भी किए. हालांकि समय के साथ ये मामले ठंडे पड़ते गए.