नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के परिणामों ने सबको चौंका कर रख दिया है, पिछले तीन बार से दिल्ली में एक छत्र राज कर रही आम आदमी पार्टी का सूपड़ा साफ हो चुका है. अरविंद केजरीवाल की AAP 62 सीटों से 23 पर पहुंच चुकी है, और बीजेपी ने 8 सीटों से 47 तक की छलांग लगा कर दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने का दावा ठोक दिया है. लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि दिल्ली का सीएम कौन होगा?
दिल्ली का सीएम कौन?
दिल्ली में यूं तो बीजेपी ने इस चुनाव में कई दिग्गज नेताओं को उतारा था. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा की रही, क्योंकि प्रवेश वर्मा को चुनाव भी अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली की सीट से लड़वाया गया था. इसी लिए माना जा रहा है कि वो मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रमुख दावेदार हैं. हालांकि अभी तक प्रवेश वर्मा अपनी तरफ से इस बात से इंकार कर रहे हैं. लेकिन आंकड़े तो कुछ और ही कह रहे हैं.
प्रवेश वर्मा की दावेदारी!
नई दिल्ली सीट से चुनवा लड़ना प्रवेश वर्मा के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था, क्योंकि इस सीट से उन्हें अरविंग केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ना था. वो इसी सीट से 2013, 2015 और 2020 में विधायक बने और फिर मुख्यमंत्री भी बने. 2013 में केजरीवाल ने इसी सीट से शीला दीक्षित को चुनाव हराया था. आंकड़े भी ये कहते हैं कि नई दिल्ली सीट से चुनाव जीतने वाला नेता मुख्यमंत्री बनता है.
शाह से मिलने पहुंचे प्रवेश
चुनाव जीतने के बाद प्रवेश वर्मा सबसे पहले बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह से मिलने पहुंचे. सूत्रों के अनुसार इस मीटिंग में मुख्यमंत्री पद को लेकर भी चर्चा हुई है. प्रवेश वर्मा को आम आदमी पार्टी ने पूरे चुनाव में अपने निशाने पर रखा था. कभी पैसे बांटने के आरोप लगाए तो कभी नकली वोटर कार्ड बनवाने के आरोप लगाए. इस दौरान AAP ने तंज भी किया था कि क्या बीजेपी के सीएम फेस प्रवेश वर्मा होंगे? हालांकि चुनाव में जीत के बाद प्रवेश वर्मा ने एक्स पर पोस्ट भी किया है जिसमें उन्होंने लिखा है- जय श्री राम. ''ये जो सरकार बन रही है ये प्रधानमंत्री के विजन को लेकर दिल्ली में आएगी, मैं दिल्ली की जनता का धन्यवाद करता हूं, ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत है, दिल्ली की जनता की जीत है.''