DSP Kalpana Verma suspended: छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को डीएसपी कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. वह वर्तमान में दंतेवाड़ा जिले में तैनात हैं. गृह (पुलिस) विभाग ने यह आदेश जारी किया है, जो एक प्रारंभिक जांच के बाद आया है जिसमें उनके खिलाफ गंभीर आरोप पाए गए हैं. निलंबन आदेश के अनुसार, प्रारंभिक जांच में वित्तीय लेन-देन में विरोधाभास, जांच के दौरान दर्ज बयानों में असंगतियां और मामले से जुड़े व्हाट्सएप चैट्स सामने आए हैं.
यह भी पढ़ें: लव ट्रैप, संदिग्ध व्हाट्सएप चैट्स, वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ी के बाद DSP कल्पना वर्मा को किया गया सस्पेंड
जांच में पद का दुरुपयोग, अवैध वित्तीय लाभ प्राप्त करना और आय के ज्ञात स्रोतों से असंगत संपत्ति संचय करने के आरोप लगे हैं, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन है. निलंबन की अवधि के दौरान वर्मा का मुख्यालय नव रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय होगा. उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा. यह निलंबन डीएसपी वर्मा और रायपुर स्थित व्यवसायी दीपक टंडन के बीच विवाद की जांच के बाद हुआ है.
यह भी पढ़ें: भाई की मौत के बाद आजमगढ़ जाना चाह रहे थे अबू सलेम, कोर्ट ने यह कहकर याचिका खारिज कर दी...
सरकार के निर्देश पर अतिरिक्त एसपी स्तर की जांच हुई, जिसमें लगभग 1,475 पेज की विस्तृत रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी गई, जिसमें कई गंभीर निष्कर्ष बताए गए हैं. सूत्रों के अनुसार, जांच में डीएसपी और व्यवसायी के बीच व्हाट्सएप चैट्स मिले हैं, जिनमें संवेदनशील और गोपनीय पुलिस संबंधी जानकारी साझा करने का आरोप है.
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान सीमा के पास राफेल, सुखोई, तेजस, मिग-29, जगुआर और मिराज का क्यों लग रहा है जमावड़ा?
अधिकारियों इसे खुफिया जानकारी लीक करने का गंभीर उल्लंघन मान रहे हैं. इससे पहले, टंडन ने वर्मा पर 2021 से "लव ट्रैप" के जरिए लगभग 2.5 करोड़ रुपए ऐंठने का आरोप लगाया था. आरोपों में करीब 2 करोड़ नकद, एक लग्जरी कार, 12 लाख रुपए का हीरा की अंगूठी, 5 लाख रुपए के सोने के गहने और अन्य महंगे उपहार शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: पंजाब में गुरुद्वारे के बाहर दिनदहाड़े AAP नेता की हत्या, 5 गोलियों से छलनी हुआ शरीर
उन्होंने दावा किया कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार और गहने वापस नहीं किए गए. व्यवसायी ने आगे आरोप लगाया कि डीएसपी के भाई के नाम पर होटल खोलने के नाम पर बड़ी रकम ली गई और इसकी अलग जांच की मांग की. जांच के निष्कर्षों के बाद राज्य सरकार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया.