नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में करीब 168 दिनों से जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया. रिहाई की सूचना फैलते ही कांग्रेस समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और जेल के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुट गए.
ढोल-नगाड़े बजाए गए, फूल बरसाए गए और जोरदार स्वागत किया गया. हालांकि, इस उत्सव के दौरान हुई भगदड़ और अफरा-तफरी में एक महिला पत्रकार घायल हो गईं. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा करते हुए पोस्ट किया कि चैतन्य बघेल की रिहाई के मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ में पत्रकार चित्रा पटेल (एफएम न्यूज ब्यूरो चीफ) को धक्का लगने से वे गेट के पास दब गईं.
उनके माइक, आईडी कार्ड और मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त हो गए, एक फोन गायब हो गया तथा सीने में हल्का फ्रैक्चर आया है. इसके साथ ही एक अन्य पत्रकार का रिसीवर खो गया और कुछ अन्य मीडिया कर्मियों को भी मामूली चोटें लगीं.
बीजेपी नेता ने सवाल उठाया कि पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों? उन्होंने कांग्रेस नेताओं को टैग करते हुए इस घटना पर ध्यान आकर्षित किया. बहरहाल, चैतन्य बघेल की रिहाई को कांग्रेस ने सत्य की जीत बताया है, जबकि भाजपा इसे जांच की निरंतरता का हिस्सा मान रही है.