दक्षिण अफ्रीका का डरबन शहर, संजू-संजू के नारों से गूंज रहा था, पिच पर सूर्यकुमार यादव खड़े थे, लेकिन मिस्टर 360 डिग्री की उपाधि संजू सैमसन ने ले रखी थी, अपने टी20 करियर का दूसरा शतक जड़ते ही संजू सैमसन ने धोनी का एक महान रिकॉर्ड तोड़ दिया, पर वो बताएं उससे पहले सुनिए वो लड़की कौन है, जिसने एक झटके में संजू की किस्मत पलट डाली, जो संजू सैमसन अर्धशतक के लिए कभी संघर्ष करते थे, जिन्हें जूनियर खिलाड़ी भी ज्ञान देते थे, कोई कहता था सूर्यकुमार यादव से सीखो तो कोई कहता था हार्दिक का हरफमनमौला अंदाज सीखो, संजू ने सबकी बातें सुनी और दक्षिण अफ्रीका की पिच पर ऐसे उतरे, जैसे सोचकर आए हों पारी खत्म होने से पहले पवेलियन नहीं लौटना.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 4 मैचों की टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फैसला लिया, ओपनर के तौर पर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को उतारा, पर 8 ही गेंद खेलकर अभिषेक शर्मा आउट हो गए, पिच पर सूर्यकुमार यादव आए तो संजू ने समझाया मैं लय में हूं, मुझे आप खेलने दो, आप एक छोर संभालो. सूर्या ने भी संजू की बात मानी और 27 गेंद में ही संजू सैमसन ने पचासा पूरा कर साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों को ये बता दिया कि अंगद की तरह पांव जमाने आया हूं, और शतक जमाकर ही जाऊंगा.
27 गेंदों में फिफ्टी, 47 गेंदों में शतक
तब संजू की पत्नी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा था मेरा पति, मानो वो दुनिया को दिखाना चाहती हों, मेरे पति ने भी शतक लगाकर दिखा दिया, जिसके जवाब में संजू ने लिखा था मुझे खुशी है मैं तुम्हारा पति हूं. ये वही चारुलता हैं, जिनसे कॉलेज के दिनों से संजू सैमसन बेहद प्यार करते थे, संजू खुद ईसाई धर्म से हैं, जबकि उनकी पत्नी चारुलता हिंदू धर्म को मानती हैं, खुद एक बिजनेसवुमन हैं, इनकी संपत्ति करीब 35-40 रुपये की है, पर दोनों के बीच मोहब्बत का धागा इतना मजबूत है कि पृथ्वी शॉ की तरह जब संजू की किस्मत धोखा देने लगी थी, ईशान किशन की तरह टीम में जगह मिलने से ज्यादा टीम से बाहर रहना पड़ रहा था, तब चारुलता ने संजू के अंदर जान भरी, ये ठीक वैसा ही था जैसे विराट कोहली कभी वक्त खराब हुआ तो अनुष्का शर्मा ने उन्हें हिम्मत दी.
हौंसला बढ़ाया, यहां तक कि रोहित शर्मा भी जब वर्ल्ड कप हारे तो उनकी पत्नी रितिका सजदेह ने उन्हें खूब समझाया, यहां तक कि धोनी भी जब अपने संघर्ष के दिनों में थे तो उनकी पत्नी साक्षी ने उन्हें खूब समझाया, यही वजह है कि संजू ने जब शतक जड़ा तो दिग्गज खिलाड़ियों के आंखों में खुशी के आंसू थे, रोहित से लेकर विराट तक, धोनी से लेकर तेंदुलकर तक सब यही सोच रहे थे कि टीम इंडिया को एक नया धुरंधर मिल गया है, जिसके बल्ले में युवराज जैसी जान है, पैरों में अंगद सा अभिमान है, और विकेटकीपिंग में माही वाला जान है, तभी तो एक शतक के साथ ही संजू ने कई रिकॉर्ड बना दिए.
अब अगले कुछ मैच तक संजू टीम में परमानेंट हो चुके हैं, और इस शतक से ज्यादा उनके फैंस को इसी बात का सुकून है कि अब चाहकर भी संजू को कोई निकाल नहीं पाएगा, टैलेंटेड संजू सैमसन को न बेंच पर बैठना पड़ेगा, न फील्ड में पानी लेकर दौड़ना पड़ेगा, क्योंकि अब टीम का कप्तान जिगरी दोस्त सूर्यकुमार यादव है, और टीम इंडिया के कोच गंभीर जैसा खिलाड़ी है, जो टैलेंटेड खिलाड़ियों की अलग से क्लास लेते हैं, उन्हें टीम के अनुरुप न सिर्फ ढालते हैं, बल्कि मौका पड़ने पर खिलाड़ी उसे साबित भी करता है. लेकिन संजू के बाद जिस तरह से टीम इंडिया के बाकी खिलाड़ी आउट हुए, इस पर टीम इंडिया के उगते सूर्य को विचार करना होगा, ताकि टी 20 के इतिहास में सूर्या सेना नए-नए कीर्तिमान लिखे, और उसमें संजू का नाम भी सुनहरे अक्षरों में हो.