August 26: A date of devastation: नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त 2026 को ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ ने एक बार फिर एक पुराने और रहस्यमयी सवाल को हवा दे दी है कि क्या 26 तारीख किसी श्राप से जुड़ी है या यह महज संयोग? इतिहास के पन्नों को पलटें तो साफ नजर आता है कि कुदरती आफत, भयानक हादसे और आतंकी घटनाएं बार-बार इसी तारीख पर दुनिया को हिला देती रही हैं.
कब-कब आया कुदरत का कहर
- 26 अगस्त 2026 (नेपाल-तिब्बत बाढ़): भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ और मलबे ने तबाही मचाई, जिसमें 1000 से ज्यादा मौतें और 4,500 से अधिक लोग लापता.
- 26 दिसंबर 2004 (हिंद महासागर सुनामी): सुमात्रा में 9.1 तीव्रता के भूकंप से 14 देशों में तबाही, करीब 2.28 लाख लोगों की मौत.
- 26 जनवरी 2001 (गुजरात भूकंप): कच्छ में 7.7 तीव्रता के भूकंप ने गणतंत्र दिवस को शोक में बदल दिया, करीब 20,000 मौतें.
- 26 जुलाई 2005 (मुंबई जलप्रलय): 24 घंटे में 944 मिमी बारिश से शहर थम गया, 1,094 लोगों की जान चली गई.
- 26 दिसंबर 2003 (ईरान का बाम भूकंप): 6.6 तीव्रता के भूकंप ने ऐतिहासिक शहर को मलबे में बदल दिया, 31,000 मौतें.
- 26 दिसंबर 1939 (तुर्की भूकंप): 7.8 तीव्रता के भूकंप में 32,700 से ज्यादा लोग मारे गए.
औद्योगिक हादसे और आतंकी हमले
- 26 अप्रैल 1986 (चेर्नोबिल परमाणु हादसा): रिएक्टर फटने से फैले रेडिएशन ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया.
- 26 अप्रैल 1942 (चीन की बेंक्सीहू कोयला खदान): विस्फोट में 1,549 खनिकों की मौत, इतिहास का सबसे बड़ा कोयला हादसा.
- 26 नवंबर 2008 (मुंबई 26/11 आतंकी हमला): 10 आतंकियों ने शहर को खून से लाल कर दिया, 166 बेकसूर मारे गए.
ज्योतिष का नजरिया- ग्रहों का खेल?
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि केवल 26 तारीख दोषी नहीं. इन घटनाओं के आसपास अक्सर ग्रहणकाल और अशुभ ग्रह योग बने होते हैं. जैसे गुजरात भूकंप सूर्य ग्रहण के 17 दिन बाद हुआ, सुनामी पूर्णिमा और राहु-केतु के प्रभाव में आई, मुंबई जलप्रलय में कर्क राशि में सूर्य-शनि की युति थी.
चेर्नोबिल के दिन भी मंगल-शनि-केतु की भयानक युति बनी हुई थी. क्या यह महज संयोग है या ब्रह्मांड का कोई गहरा गणित? सवाल अब भी बना हुआ है, लेकिन 26 तारीख का यह खौफनाक सिलसिला हर बार याद दिलाता है कि इतिहास कितना रहस्यमय हो सकता है.
Curse of 26
Jinx of 26
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