नई दिल्ली: अमेरिका में प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रक्रिया से बाहर किए जाने के बाद जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने अमेरिका में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स से भारत लौटने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भारतीयों ने अमेरिका की तकनीकी ताकत में बड़ा योगदान दिया है, लेकिन अब अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा हमें नहीं चाहता.
अमेरिकी श्रम विभाग ने टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल समेत कोग्निजेंट, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है. यह कार्यक्रम एम्प्लॉयर-स्पॉन्सर्ड ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का अहम चरण है. विभाग का आरोप है कि इन कंपनियों ने इस व्यवस्था का दुरुपयोग किया.
इस फैसले के बाद श्रीधर वेम्बू ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारतीयों ने अमेरिका की तकनीकी क्षमता में बड़ा योगदान दिया है. फिर भी अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा अब हमें नहीं चाहता. वीजा पर अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को अपनी मेहनत से बनाई जिंदगी उखाड़ने का दर्दनाक सामना करना पड़ सकता है. इसे एक साहसिक नए भविष्य के जन्म की पीड़ा मानो. घर लौटो, आइए भारत का निर्माण करें.”
यह पहली बार नहीं है जब वेम्बू ने ऐसी अपील की है. इससे पहले भी उन्होंने ग्रीन कार्ड नियमों में बदलाव के समय भारतीयों से भारत लौटने को कहा था. उनका जोर है कि भारतीय प्रतिभा को देश के विकास में लगाना चाहिए.