नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में प्रशासन ने हाल ही में तीन और सक्रिय आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त कर दिया है. इसके साथ ही, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद अब तक कुल नौ आतंकियों के घरों को तोड़ा जा चुका है. यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ चल रही सख्ती का हिस्सा है. सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि ये घर बांदीपोरा, पुलवामा और शोपियां जिलों में थे.
शोपियां जिले के वंदिना गांव में शनिवार रात को आतंकी अदनान शफी का घर गिराया गया. अदनान पिछले साल आतंकी संगठन में शामिल हुआ था. वहीं, पुलवामा में आतंकी आमिर नजीर का घर तोड़ा गया. बांदीपोरा में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकी जमीली अहमद शेरगोजरी का घर ध्वस्त किया गया, जो 2016 से आतंकी गतिविधियों में शामिल था.
पहलगाम हमले के बाद कार्रवाई तेज
यह सब कार्रवाइयां पहलगाम में हुए खतरनाक आतंकी हमले के बाद शुरू हुईं. 22 अप्रैल को बाईसरण घास के मैदान में आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था. कई लोग घायल भी हुए. इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमलावरों को दुनिया के किसी भी कोने में छोड़ेंगे नहीं. इसके बाद सुरक्षा बलों ने आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए.
इससे पहले, कुलगाम में जाकिर अहमद गनी और शोपियां के चोटीपोरा में लश्कर कमांडर शाहिद अहमद कुट्टे के घरों को भी तोड़ा गया था. जाकिर 2023 से सक्रिय था, जबकि शाहिद तीन साल से ज्यादा समय से आतंकी गतिविधियों में शामिल था. अधिकारियों ने बताया कि इन घरों को नियंत्रित तरीके से तोड़ा गया ताकि आसपास के घरों को नुकसान न हो.
इसके अलावा, आदिल हुसैन ठोकर (जिसे आदिल गुर्री भी कहते हैं), आसिफ शेख (अवंतीपोरा) और अहसान शेख (पुलवामा) के घर भी ध्वस्त किए गए. खुफिया जानकारी के अनुसार, आदिल गुर्री 2018 में पाकिस्तान गया था, जहां उसने आतंकी प्रशिक्षण लिया और पिछले साल जम्मू-कश्मीर लौटकर पहलगाम हमले में पाकिस्तानी आतंकियों की मदद की थी.
सुरक्षा बलों की अन्य कार्रवाइयां
घरों को तोड़ने के साथ-साथ सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ अन्य कार्रवाइयां भी कीं. बांदीपोरा में शुक्रवार को एक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी अल्ताफ लल्ली मारा गया. इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन उनकी हालत स्थिर है.
एनआईए ने जांच संभाली
पहलगाम हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में ले ली है. सेना हाई अलर्ट पर है और हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चला रही है. इस बीच, नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भी तनाव बढ़ा है. 26-27 अप्रैल की रात को पाकिस्तानी सेना ने बिना उकसावे के गोलीबारी शुरू की, जिसका भारतीय सेना ने जवाब दिया.
कुलगाम में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने मिलकर दो आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया. सरकार ने इस हमले के जवाब में 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया, पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंध कम किए और अटारी चेकपोस्ट को बंद कर दिया.