नई दिल्ली: इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में पुलिस ने एक झोपड़ी में रहने वाली महिला के घर छापेमारी की, जहां से चौंकाने वाली बरामदगी हुई. महिला के पास इतनी नकदी थी कि उसे गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी. इसके अलावा, भारी मात्रा में मादक पदार्थ भी बरामद हुआ, जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है. यह कार्रवाई ड्रग्स तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने में कामयाब रही.
क्राइम ब्रांच ने रविवार शाम को एक गुप्त सूचना के आधार पर 32 वर्षीय सीमा नाथ को हिरासत में लिया. सीमा पर लंबे समय से ड्रग्स तस्करी का आरोप था, और वह बार-बार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा देती थी. जब पुलिस ने उसके नाथ मोहल्ला, अहीरखेड़ी स्थित घर पर दबिश दी, तो परिवार वालों ने विरोध किया और पुलिसकर्मियों से भिड़ गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा.
तलाशी में पुलिस को 48 लाख 50 हजार रुपए नकद और 516 ग्राम ब्राउन शुगर मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है. नकदी की मात्रा इतनी थी कि गिनती के लिए नोट गिनने की मशीन लानी पड़ी. इसके साथ ही, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी जब्त किया गया, जिसका इस्तेमाल ड्रग्स के पैकेट तैयार करने में होता था. पूछताछ में सीमा ने बताया कि वह सस्ते दामों पर ब्राउन शुगर खरीदकर शहर में ऊंची कीमत पर बेचती थी और यह काम वह रवि उर्फ काला नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर करती थी.
सीमा का आपराधिक इतिहास भी लंबा है. वह पहले कई मामलों में जेल जा चुकी है और गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर झूठे आरोप लगाने और हंगामा करने जैसे हथकंडे अपनाती थी. इस बार कार्रवाई के लिए महिला पुलिस बल सहित कई टीमें तैनात की गई थीं. पुलिस को जानकारी मिली है कि सीमा का पति महेश टोपी भी ड्रग्स के कारोबार में शामिल है, जबकि उसके भाई चेतन और अर्जुन नाथ एक हत्याकांड में आरोपी रह चुके हैं.
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में इंदौर क्राइम ब्रांच नशे की तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है. इस साल अब तक 72 मामलों में 130 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 5 करोड़ रुपए कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं. यह कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा है.