Haryana Urban Local Body Elections: हरियाणा नगर निकाय चुनाव के नतीजों में एक अनोखी कहानी उभरी है. हिसार जिले की उकलाना नगर पालिका में 23 वर्षीय रीमा सोनी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शानदार जीत हासिल की और भाजपा की मजबूत उम्मीदवार को भारी अंतर से हराकर नया रिकॉर्ड बनाया.
रीमा सोनी ने भाजपा की निकिता गोयल (पूर्व चेयरमैन श्रीनिवास गोयल की बहू) को 2806 वोटों से पराजित किया. यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि निकिता गोयल के समर्थन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत कई कैबिनेट मंत्री पूरी ताकत से उतरे थे, लेकिन रीमा ने सभी समीकरण बिगाड़ दिए. उन्होंने कांग्रेस और INLD के समर्थन से चुनाव लड़ा था.
रीमा सोनी कौन हैं?
रीमा एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता महेंद्र सोनी जौहरी का काम करते हैं. महेंद्र सोनी 2006 से पार्षद रह चुके हैं और पिछली बार चेयरमैन का चुनाव भी लड़ चुके थे, लेकिन हार गए थे. रीमा ने अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर ली है और वर्तमान में UPSC की तैयारी कर रही हैं. मात्र 23 साल की उम्र में नगर पालिका चेयरपर्सन बनकर उन्होंने हरियाणा में सबसे कम उम्र की चेयरपर्सन बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.
चुनाव का रोचक पहलू
उकलाना इस बार हरियाणा का एकमात्र ऐसा नगर निकाय रहा, जहां भाजपा हार गई. बाकी 6 नगर निकायों पंचकूला, अंबाला, सोनीपत, सांपला, धारूहेड़ा और रेवाड़ी में भाजपा ने जीत दर्ज की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा की इस बड़ी जीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और सोशल मीडिया पर राज्यवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया.
रीमा सोनी की यह जीत युवाओं और साधारण परिवारों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है, जो दिखाती है कि मेहनत और सही समर्थन के साथ छोटी उम्र में भी बड़ी जिम्मेदारी संभाली जा सकती है.