बेंगलुरु: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में ड्रेस कोड संबंधी पुराने नियम को बदल दिया है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार ने 2022 में लगाए गए हिजाब प्रतिबंध को पूरी तरह वापस ले लिया है. अब नया आदेश जारी कर दिया गया है, जिसके तहत कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राएं अपनी यूनिफॉर्म के साथ धार्मिक प्रतीक भी पहन सकेंगे.
यह नया नियम 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होगा. सरकार का मानना है कि छात्रों को अपनी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार मिलना चाहिए.
क्यों हुआ था विवाद?
यह विवाद फरवरी 2022 में उडुपी के एक कॉलेज से शुरू हुआ था, जब कुछ मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनकर क्लास में आने से रोका गया. तत्कालीन भाजपा सरकार ने 5 फरवरी 2022 को आदेश जारी करके स्कूल-कॉलेजों में सिर्फ निर्धारित यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी थी और हिजाब पर रोक लगा दी थी. कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस बैन को सही ठहराया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दो जजों की बेंच ने अलग-अलग राय दी, जिसके बाद मामला बड़े बेंच को सौंप दिया गया था.
सरकार का तर्क?
कर्नाटक सरकार ने कहा कि यह फैसला छात्रों के मौलिक अधिकारों और व्यक्तिगत गरिमा की रक्षा के लिए लिया गया है. हाल ही में कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान छात्रों के धार्मिक प्रतीकों (जैसे जनीवारा) को हटाने और हिजाब उतरवाने की घटनाओं की काफी आलोचना हुई थी, जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया. अब छात्र अपनी यूनिफॉर्म के साथ अपनी आस्था के प्रतीक पहनकर स्कूल-कॉलेज आ सकेंगे.