AIADMK Takes Action Against Rebel Leaders: तमिलनाडु विधानसभा में आज हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान टीवीके के पक्ष में वोट देने वाले AIADMK नेताओं पर पार्टी ने सख्त एक्शन लिया है. एआईएडीएमके ने सी.वी. शनमुगम, एस.पी. वेलुमणि, सी. विजयभास्कर समेत कई अन्य नेताओं को उनके सभी पार्टी पदों से तुरंत हटा दिया है. पार्टी इसे अपने अनुशासन का उल्लंघन मान रही है.
सी.वी. शनमुगम ने कहा कि चुनाव से पहले पार्टी में यह चर्चा चल रही थी कि जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी या जिन्हें निकाला गया था, उन्हें वापस शामिल कर लिया जाए ताकि संगठन मजबूत हो और चुनाव जीता जा सके. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके मन में ऐसा कोई विचार नहीं है.
ईपीएस की आलोचना पर शनमुगम ने जवाब देते हुए कहा, “मैंने कोई गद्दारी नहीं की. हमारी पार्टी का बुनियादी सिद्धांत हमेशा से डीएमके का सफाया करना रहा है. पिछले 50 साल से हम डीएमके के खिलाफ लड़ते आ रहे हैं. लेकिन चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री बनने की लालच में एआईएडीएमके के महासचिव नीचे स्तर पर उतर गए और पार्टी के मूल सिद्धांतों को भुला दिया. अम्मा की मौत डीएमके के झूठे मुकदमों के कारण हुई, उन्हें जेल भेजा गया और हम उन्हें खो बैठे. फिर भी वे सब कुछ भूल गए. अब बताइए, असली गद्दार कौन है?”
वरिष्ठ नेता एस.पी. वेलुमणि और सी.वी. शनमुगम के नेतृत्व वाले अन्नाद्रमुक के करीब 30 विधायकों के गुट ने फ्लोर टेस्ट में सरकार का समर्थन किया. वहीं, ईपीएस के प्रति वफादार विधायकों ने पहले ही सरकार के खिलाफ वोट देने का फैसला कर लिया था और साफ चेतावनी दी थी कि पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वालों पर दलबदल विरोधी कानून लागू किया जाएगा.