तेल अवीव: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट के हमले के दौरान एक छोटी सी घटना ने हादसे को टाल दिया. 6 साल की नीना टॉयलेट में थी, जब कॉकपिट से चीखें सुनाई दीं. उसकी चीख ने पिता को सतर्क किया और फिर यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू में कर लिया.
यात्री ज्विका मेन्स के अनुसार, वह फ्रंट रो में बैठा था जब बेटी नीना की चीख सुनाई दी. वह तुरंत टॉयलेट की ओर दौड़ा. नीना ने कहा, “डैडी, हम मरना नहीं चाहते.” तभी उसने देखा कि भारतीय कैप्टन स्मित मछार खून से लथपथ कॉकपिट से बाहर निकल आए हैं और ओमानी को-पायलट से संघर्ष कर रहे हैं.
मेन्स समेत दो अन्य यात्री असाफ राजुआन और यानिव हयून तुरंत संघर्ष में कूद पड़े. उन्होंने हमलावर को काबू कर लिया और हेडफोन के केबल्स से बांध दिया. इस बीच विमान की ऊंचाई तेजी से कम हो रही थी और केबिन में अफरा-तफरी मच गई थी.
इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलट्स ने विमान का नियंत्रण संभाला और इसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा. यात्री खून से सने कपड़ों में उतरे. बाद में रिप्लेसमेंट विमान से वे तेल अवीव पहुंच गए.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना की. उन्होंने कहा कि घायल होने के बावजूद कैप्टन ने संघर्ष किया और दरवाजा खोलकर यात्रियों को मदद करने का मौका दिया, जिससे बड़ी आपदा टल गई.
कैप्टन स्मित मछार फिलहाल यूएई के अस्पताल में रिकवर कर रहे हैं. एयरलाइन ने जांच पूरी होने तक इजरायल से उड़ानें स्थगित कर दी हैं. इस घटना में 6 साल की नीना की भूमिका अब चर्चा का विषय बनी हुई है.